गवाह के बदले आए गवाह, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा-कानून में ऐसा प्रावधान नहीं

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 02/14/2018 - 19:57

Ranchi : डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव बुधवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार की अदालत में पेश हुए. इस मामले में पूर्व सांसद डॉ आरके राणा और जगदीश शर्मा सहित अन्य आरोपी भी पेश हुए. सीबीआई की ओर से दो गवाह बुलाये गये थे. जलपाईगुड़ी के आरटीओ और दिल्ली सरकार के ऑटो रिक्शा ब्रांच के लाइसेंसी अधिकारी. जलपाईगुड़ी के आरटीओ ने ऑफिसियल कार्य में व्यस्त होने के कारण समय की मांग की है. सीबीआई के वरीय विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने बताया कि लाइसेंसी अधिकारी की ओर से रिकार्ड कीपर देवेन्द्र कुमार गवाही देने आये थे. इनकी गवाही गवाह संख्या 471 के रूप में दर्ज की गयी. उन्होंने अपने कार्यालय के लाइसेंसी ऑथोरिटी द्वारा वर्ष 1999 में सीबीआई को लिखे गये पत्र का सत्यापन किया. उन्होंने बताया कि पत्र में जिन नंबर की सूचना दी गयी थी, वे सभी ऑटो रिक्शा के हैं. इधर बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर मामले में लिखित आवेदन अदालत को दिया गया. आवेदन में लिखा गया है कि जिन गवाहों को समन किया गया थावे नहीं आये. उनके बदले में अन्य व्यक्ति को गवाही के लिए भेजा गया. कानून में गवाह के बदले में गवाह देने का प्रावधान नहीं है. वह गवाह से जिरह नहीं करेंगे.

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मामला डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है

यह मामला डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. उधर चारा घोटाले से संबंधित आरसी 38 ए/96 दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में बुधवार को लालू प्रसाद यादव ने सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में हाजिरी लगायी. मामले में लालू की ओर से बहस हुयी.

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