उन्नाव गैंगरेप केस: जिस विधायक सेंगर के खिलाफ यूपी पुलिस को गिरफ्तारी के साक्ष्य नहीं मिले, वह CBI की गिरफ्त में

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 04/13/2018 - 09:11

Lucknow: गैंगरेप के आरोपी विधायक सेंगर को शुक्रवार की सुबह सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है. खबर है कि उन्नाव गैंगरेप की जांच कर रही सीबीआई ने बीजेपी विधायक को उसके लखनऊ स्‍थ‍ित आवास से करीब सुबह 4.30 बजे विधायक को हिरासत में लिया. जिसके बाद से ही लखनऊ के सीबीआई के दफ्तर में कुलदीप सेंगर से पूछताछ जारी है. बताया ये भी जा रहा है कि सीबीआई शुक्रवार को ही कुलदीप सेंगर को कोर्ट में पेश कर सकती है. ज्ञात हो कि सीबीआई की तरफ से इस मामले में अभी तक तीन केस दर्ज किए गए हैं. कुलदीप सेंगर पर नाबालिग से रेप, पीड़िता के पिता की हत्या का केस और तीसरा केस विधायक सेंगर के परिवार की तरफ से जो भी शिकायत दी गई है.

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पीड़िता ने सुनायी आपबीती

पिछले कई दिनों से उन्नाव रेप केस चर्चा में है. वही इसमें रोज नये खुलासे भी हो रहे है .  अब ये बात सामने आयी है कि कभी ये दोनों परिवार मिल जुलकर रहता था. लेकिन आज परिस्थितियां बिलकुल विपरीत है. पीड़िता ने बताया कि वो आरोपी विधायक का भैया कहकर बुलाती थी.  पिछले साल जून में विधायक ने उसे ‘नौकरी’ देने की बात कहकर घर बुलाया. जहां ये वारदात हो गई. पीड़ित ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया कि, ‘पिछले साल 4 जून  को उसे एक कमरे में जाने के लिए कहा गया, जहां उसके साथ रेप किया गया, बाद में  पिता और परिवार को खत्म करने की धमकी के साथ इस बारे में किसी से कुछ भी नहीं कहने की चेतावनी दी गयी. डरी हुई पीड़िता ने इसके बारे में किसी को नहीं बताया. पीड़िता ने कहा कि, ' कुछ दिन बाद 11 जून को उसके कुछ लोगों ने मेरा अपहरण कर लिया. उन्होंने कुछ दिनों तक मेरा गैंगरेप किया और मुझे किसी को बेच दिया. वहां से मुझे छुड़ाया गया.’

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बाद में पीड़िता ने अपनी आपबीती अपनी चाची को  बताई. जिसके बाद 17 अगस्त 2017 को अपने चाचा के साथ पीड़िता लखनऊ गई और वहां सीएम योगी आदित्यनाथ के घर पर अपनी दरख्वास्त दी. लेकिन कुछ नहीं हुआ. पीड़ित ने आगे बताया कि जब सीएम से निजी तौर पर मिलने से भी कुछ नहीं हुआ तो उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, यूपी डीजीपी को चिट्ठी लिखकर मदद मांगी. फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. जिसके बाद पिछले हफ्ते पीड़िता के पिता को गिरफ्तार किये जाने के बाद युवती लखनऊ पहुंची और सीएम से मिलने की कोशिश की. और न्याय नहीं मिलने से आहत पीड़िता ने आत्मदाह का प्रयास किया था.

विधायक पर दर्ज हुआ मुकदमा

उल्लेखनीय है कि चौतरफा पड़ते दवाब और हाई कोर्ट की फटकार के बाद पुलिस ने आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. आरोपी विधायक पर उन्नाव के माखी थाने में बुधवार देर रात आईपीसी की धारा 363, 366, 376 और पॉक्सो कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. और केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार की सिफारिश मंजूर करते हुए गुरुवार की शाम इस केस की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी से कराने का आदेश जारी किया था.

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SIT ने दी क्लीन चिट!

इधर लखनऊ रेंज के एडीजी राजीव कृष्ण ने उन्नाव से लौटकर अंतरिम रिपोर्ट डीजीपी को बुधवार शाम को सौंप दी थी. इस रिपोर्ट को मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया था. सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी को जांच में आरोपी विधायक के खिलाफ गैंगरेप के पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे.  एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस मामले की जांच कर रही पुलिस ने कई अनियमितताएं कीं. रिपोर्ट में पुलिस को दोषी ठहराते हुए कहा गया कि विधायक के भाई के पक्ष में एकतरफा जांच की गई. इसके अलावा पीड़िता और उसके परिवार के बयान में भी अंतर पाया गया है.

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