सोशल मीडिया पर राहुकाल कर रहा ट्रेंड,  भाजपा, कांग्रेस-जेडीएस राहुकाल के फेर में

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 05/16/2018 - 18:08

Bengaluru  :  कर्नाटक की सत्ता किसे मिलेगी, यह तो बाद की बात है. अभी हम राहुकाल की बात करते है.  बता दें कि वर्तमान में सोशल मीडिया पर राहुकाल जम कर ट्रेंड कर रहा है. यह इसलिए कि  सत्ता पाने की कोशिश मंे लगे नेता चाहे भाजपा के रहे हों या कांग्रेस-जेडीएस के. सभी ज्योतिष की सलाह ले रहे हैं. ज्योतिषियों के अनुसार  बुधवार को बेंगलुरु में राहुकाल का दोपहर 12 बजकर 16  मिनट से लेकर एक बजकर 51 मिनट तक रहा. इससे पहले ही भाजपा विधायक दल के नेता येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. कांग्रेस-जेडीएस राहुकाल बीतने के बाद राज्यपाल के पास गयी.  फिर आते हैं सोशल मीडिया पर. यहां यह चर्चा है कि राज्यपाल राहुकाल गुजरने के बाद ही सरकार बनाने की दावत देंगे. बता दें कि  दक्षिण भारत में राहुकाल की की अवधारणा को बड़ी मान्यता है.  

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राहुकाल में किसी भी तरह के नये कार्य की शुरुआत नहीं की जाती  

मान्यता के अनुसार राहुकाल में किसी भी तरह के नये कार्य की शुरुआत नहीं की जाती है. ज्योतिषशास्त्र में राहु को नैसर्गिक पाप ग्रह माना गया है. यह अशुभ फल प्रदान करता है.  शास्त्र के अनुसार राहुकाल हर दिन आता है जिसे प्रतिकूल समय माना जाता है. इस दौरान किसी भी तरह की नयी गतिविधि अनुकूल नहीं मानी जाती. हिंदू पंचांग के अनुसार  राहुकाल सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच हर दिन लगभग 90 मिनट के लिए आता है. ऐसी मान्यता है कि इस समय किसी भी तरह के शुभ कार्य की शुरुआत तो दूर बात करना भी शुभ नहीं माना जाता. नौ ग्रहों में से इसे भी एक माना जाता है, ऐसे राहु को एक अवैध ग्रह के रूप में मान्यता प्राप्त है.  दक्षिण भारत में किसी भी तरह के शुभ मुहूर्त के लिए राहुकाल को सही नहीं माना जाता है.  लोकमान्यताओं के अनुसार, इस दौरान किए जाने वाले शुभ कार्य कभी भी अच्छे परिणाम नहीं देते हैं.   

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