न्यूज विंग की खबर का असरः तीन बार शिकायत बंद करने के बाद मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र ने की कार्रवाई, शिकायत मंजूर कर कार्रवाई के लिए पाकुड़ भेजा

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 02/13/2018 - 17:34

Ranchi: देवघर के एक शख्स की शिकायत तीन बार मुख्यमंत्री शिकायत केंद्र ने बंद कर दी. शिकायत बंद करने के पीछे यह कारण बताया जाता था कि शिकायतकर्ता से बात हो गयी है, शिकायतकर्ता की सहमति से शिकायत बंद की जा रही है, लेकिन ऐसा होता नहीं था. तीनों बार शिकायतकर्ता से बात नहीं की गयी थी और शिकायत बंद कर दी थी. इस खबर को न्यूज विंग ने प्राथमिकता से प्रकाशित किया. खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र की तरफ से शिकायत मंजूर कर ली गयी और आगे की कार्यवाही के लिए पाकुड़ जिला भेज दिया गया है.

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तीन बार की गयी थी शिकायत, हर बार बंद कर दी गयी

शिकायत
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पाकुड़ जिला के एक मामले में देवघर निवासी गोपाल गौतम मनरेगा योजना में हुई गड़बड़ियों को लेकर मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में शिकायत करना चाहते थे. पहली बार उन्होंने अपनी शिकायत हिंदी भाषा में की, लेकिन उन्होंने इसकी टाइपिंग अंग्रेजी में कर दी. इसपर जनसंवाद से इनके पास फोन आया और मामले को हिंदी में टाइप कर भेजने को कहा गया. वहीं कहा गया कि उन्होंने शिकायत के एवज में किसी तरह के कोई साक्ष्य नहीं लगाये हैं. जबकि साक्ष्य के रूप में आरटीआई से निकाले गये कई दस्तावेज अपलोड किए गये थे. फिर भी इन दोनों को आधार बनाते हुए शिकायत बंद कर दी गयी थी.

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कोई कॉल नहीं आया, लेकिन कहा गया शिकायतकर्ता से हुई है बात

दूसरी बार गोपाल ने फिर से शिकायत दर्ज करायी. इस बार शिकायत हिंदी में टाइप कर की गयी, साक्ष्य भी लगाये गये. दूसरी बार किसी तरह का कोई कॉल गोपाल के पास नहीं आया, लेकिन एक्शन टेकन बाय अफसर वाले कॉलम में लिखा गया कि शिकायतकर्ता से बात होने के बाद शिकायत बंद की जा रही है. तीसरी बार फिर से मनरेगा में हुई गड़बड़ी को लेकर गोपाल ने शिकायत की. सारे साक्ष्य भी लगाये गये, लेकिन तीसरी बार भी एक्शन टेकन बाय अफसर वाले कॉलम में लिखा गया कि शिकायतकर्ता से बात होने के बाद शिकायत बंद की जा रही है और शिकायत बंद कर दी गयी.

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गोपाल ने क्या की थी शिकायत

झारखंड के पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड में वित्तवर्ष 2009-10 और 2010-11 में मनरेगा के तहत 12 योजनाओं में जांच के बाद कार्रवाई लंबित है. पाकुड़ के एक दैनिक अखबार के पत्रकार प्रशासन और समाज में अपने अखबार के माध्यम से गलत भ्रम फैला रहे हैं. क्योंकि उपायुक्त पाकुड़ ने कार्रवाई से संबंधित संचिका में प्रखंड विकास पदाधिकारी रोशन शाह से लेकर रोजगार सेवक तक अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई है, डीडीसी पाकुड़ से पूछा है, जिसका खुलासा एक आरटीआई से हुआ है. इस मामले में सभी दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाये. साथ ही समाज और प्रशासन में गलत खबर फैलाने वाले पत्रकार को भी दंडित किया जाये.

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