सुदेश सिर्फ सिल्ली तक सिमटे, ज्यादातर नगर निकाय चुनाव के प्रत्याशी हैं नाराज, पार्टी की मदद के बिना लड़ रहे हैं चुनाव

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 04/14/2018 - 16:26

Subhash shekhar mahto

Ranchi: सरकार के साथ भी और सरकार का विरोध भी करते रहने के रास्ते पर चलने वाली आजसू पार्टी नगर निकाय के लगभग सभी सीटोंं पर चुनाव लड़ रही है. कभी इस पार्टी के साथ तो कभी उस पार्टी के साथ किसी तरह सत्ता में रहने वाली इस पार्टी ने लगभग सभी निकायोंं में मेयर और डिप्टी मेयर के पद पर प्रत्याशियों को उतारा है. पर, राजनीतिक जानकारोंं का मानना है कि आजसू का यह कदम आगे चल कर पार्टी को ही नुकसान करेगा. क्योंकि चुनाव में लड़ने वाले पार्टी के प्रत्याशी आजसू प्रमुख से नाराज चल रहे हैं. इसकी वजह यह बतायी जा रही है कि पार्टी ने अपने नेता व कार्यकर्ता को चुनाव में खड़ा तो कर दिया, लेकिन किसी तरह की मदद नहीं की. ना राजनीतिक ना आर्थिक. यहां तक कि पार्टी के बड़े नेता भी हर जगह प्रचार करने नहीं पहुंचे. पार्टी ने इसके लिए कोई रणनीति भी नहीं बनायी. सुदेश महतो खुद भी सिल्ली तक ही सिमटे रहे.  

प्रत्याशियों को नहीं की मदद

आजसू पार्टी ने दंभ भरते हुए बिना गठबंधन के भले ही पूरे झारखंड में अपने प्रत्याशी उतार दिये. लेकिन पार्टी की ओर से किसी भी प्रत्याशी को कोई सहयोग नहीं किया गया. सहयोग के नाम पर पार्टी की ओर से सीमित संख्या में पर्चियां बांटी गई. प्रचार के लिए होर्डिंग्स, गाड़ी, और बूथ मैनेजमेंट समेत सारे काम सभी प्रत्याशी अपने बलबूते ही कर रहें हैं. कई को कर्ज तक लेना पड़ रहा है.

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रांची में रणनीतिक चूक

रांची नगर निगम चुनाव में आजसू की मेयर और डिप्टी  मेयर के प्रत्याशियों ने अलग-अलग प्रचार किया. प्रचार के दौरान मेयर प्रत्याशी कुसुम रंजिता सिंह मुंडा और डिप्टी  मेयर प्रत्याशी मुनचुन राय कभी एक मंच पर नहीं दिखे. एक ओर मुनचुन रॉय के पूरे शहर में बड़े-बड़े होर्डिंग्स दिख रहें हैं,  वहीं दूसरी ओर मेयर प्रत्याशी कुसुम का कहीं अता-पता नहीं. वह अपने स्टू‍डेंट यूनियन के लोगों के साथ पसीना बहाती रही. 

सिल्ली से बाहर नहीं निकल पा रहे सुदेश महतो
आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो चुनाव की अधिसूचना के बाद से ही पार्टी की चुनावी गतिविधियों से दूर रहे. एक ओर दूसरी पार्टियों के बड़े नेताओं ने अपने प्रत्याशियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रचार किया, वहीं दूसरी ओर आजसू प्रत्याशियों को सुदेश समेत पार्टी के आला नेताओं की कमी खलती रही. सुदेश महतो नगर निकाय चुनाव के दौरान कभी मीडिया के सामने भी नहीं आये.  ना तो वह चुनाव की रणनीति तय करने के दौरान ही मौजूद रहे और न ही पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र जारी करने के दौरान. सुदेश सिल्ली में ही व्यस्त हैं आजसू समर्थित उम्मीमदवारों के साथ. 
सुदेश महतो सिल्ली उपचुनाव को लेकर अपना ज्यादातर समय सिल्ली को दे रहे हैं. वहां पर वह आजसू समर्थित उम्मीदवारों के प्रचार कार्यक्रमों में ज्यादा दिखाई दिये. हार का स्वाद चखने के बाद सुदेश महतो सिल्ली में कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं.

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चुनाव नतीजों के बाद पार्टी में पड़ सकती है बड़ी दरार
पार्टी के कार्यकलाप से ज्यादातर प्रत्याशी नाराज हैं. पार्टी का टिकट मिलने के समय वह बहुत खुश थे. लेकिन अब स्थिति यह है कि वह कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह साख बची रहे. जमानत जब्त न हो. जो परिस्थितियां दिख रही हैं, उससे लगता है कि चुनाव परिणाम आने के बाद प्रत्याशियों की नाराजगी और गुस्सा  फुटेगा. प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ दूसरी पार्टियों का दामन थाम सकते हैं.

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