स्किल समिट : हाथ में था ज्वाइनिंग लेटर, पर मलाल यह कि 5 हजार की नौकरी के लिए घर-राज्य छोड़ना पड़ेगा

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 01/12/2018 - 19:07

Ranchi: स्वामी विवेकानंद की जयंती पर रांची के खेलगांव में आयोजित स्किल समिट में कुल 27,832 युवाओं को नौकरी दी गयी. राज्य सरकार ने कुल 25,000 लागों को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया था, पर इससे आगे निकलते हुए अतिरिक्त  दो हजार युवाओं की बेरोजगारी दूर करने में सरकार कामयाब हुई. रोजगार पाने की खुशी और सपनों को आकार देने का हौसला युवकों में नियुक्ति पत्र बंटने के इस भव्य प्रोग्राम के दौरान साफ देखा जा रहा था, लेकिन नियुक्ति पत्र हाथ के होने के बाद भी कई युवाओं के चेहरे मायूसी ही दिखी. अभ्यर्थियों ने कहा कि महज 5-6 हजार रुपये की नौकरी के लिए उन्हें अपना घर. अपना राज्य छोड़कर दिल्ली, गुरुग्राम जैसे जगहों पर जाना होगा. युवाओं के चेहरे की इस मायूसी ने स्किल समिट के इस आयोजन पर बड़ा सवाल छोड़ दिया है. सवाल यह है कि जो सरकार पलायन को राज्य के लिए एक गंभीर मुद्दा मानती है. पलायन खत्म करने के लिए कई योजनाएं चलाती है. वही सरकार आखिर क्यों स्किल डेवलपमेंट के नाम पर एक भव्य आयोजन कर यहां के युवाओं का सस्ते मजदूर के रूप में ट्रैफिकिंग का रास्ता खोल रही है.

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मुख्यमंत्री ने कहाः मैंने भी मजदूरी की है, बेरोजगारी का मतलब समझता हूं

कार्यक्रम में कुल 12 युवाओं को सांकेतिक रुप नियुक्ति पत्र बांटे गए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अगले साल से 1 लाख युवाओं को प्रतिवर्ष  नौकरी देने की बात कही, साथ ही कहा कि युवा शक्ति और मानव संसाधन से बड़ा कुछ भी नहीं. इसलिए आने वाले वर्षों में 20 लाख युवाओं को स्किल किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं बेरोजगारी का मतलब जानता हूं. मैंने भी मजदूरी की है. 12सौ रुपये प्रतिमाह की सैलरी पर काम कर यहां तक पहुंचा हूं. मुख्यमंत्री बना हूं. यही मनोबल है. मनोबल से उंचा कुछ नहीं होता. मनोबल को उंचा रखने पर किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति हो सकती है. काम कोई छोटा नहीं होता बस उसमें हर पल अच्छा करने की चाहत होनी चाहिए. मैंने पहले भी मजदूरी की है, अब पूरे राज्य के सवा तीन करोड़ जनता के लिए मजदूरी करुंगा और राज्य का  नंबर 1 मजदूर बनूंगा.

अब झारखंड सोचता है और पूरा देश फॉलो करता है : धर्मेन्द्र प्रधान 
केंद्रीय मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान ने अपने भाषण के दौरान कहा कि आने वाला समय झारखंड और यहां के लोगों का है. यहां की मूलभूत ताकत खनिज संपदा, पानी, जंगल, जमीन भारत की अर्थव्यवस्था नीति को आगे ले जाएगी. झारखंड के लोग मेहनतकश हैं. पहले यहां के लोगों को पलायन के लिए जाना जाता था, पर सरकार की रोजगार पहल के बाद ऐसा नहीं करना पड़ेगा. झारखंड सरकार सस्ती बिजली का रॉ मेटेरियल तैयार करने में पूरी तरह सक्षम है. इसपर नेचुरल गैस पॅालिसी पर काम किया जा रहा है, आने वाले दिनों में गैस पाइपलाइन से सप्लाई किया जायेगा. जो झारखंड से यूपी और बंगाल तक जाएगा. मुख्यमंत्री रघुवर दास के पहल पर ही केंद्र सरकार नर्सिंग ट्रेन्ड युवाओं को जापान भेजने की दिशा में कार्य कर रहा है. धीरे-धीरे ये सफल हो जाएगा और झारखंड के युवा जापान जाएंगे और सपनों को पूरा करेंगे.

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विदेश भवन का होगा निर्माण, सरकार देगी 1.5 एकड़ जमीन
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि देश का तीसरा विदेश भवन हमारे राज्य में बनेगा. इसके लिए सरकार कुल 1.5 एकड़ जमीन देगी. इससे पहले सिर्फ महाराष्ट्र और तेलांगना जैसे राज्यों में ही विदेश भवन का निर्माण हो पाया है. इसके तहत राज्य से विदेश जाने वाले युवाओं को किसी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. इसके अलावा किसी विपदा मे पड़े युवाओं और उनके परिवार  को सरकार 5 लाख रुपये अनुदान राशि देगी.

सरकार युवाओं के सपनों के दे रही संपूर्ण आकार: राजबाला वर्मा
मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने कहा कि जो युवा हैं, उन्हें सपने देखने दें, सपने देखकर ही इसे पूरा करने का जज्बा और हौसला मिलेगा. उनकी आकांक्षाओं और जज्बों को आकार देने के लिए ही ये आयोजन किया गया है. धरातल पर सपने साकार हों इसके लिए राज्य सरकार कृतसंकल्पित है. सरकार ने बहुत ही व्यवस्थागत तरीके से तैयारी कर ली है. इसके लिए हर जिला में मेगा स्किल सेंटर स्थापित की गई है. पॉलिसी के तहत ही पूरा कार्य किया जा रहा है. लेबर रिफार्म में राज्य नंबर 1 है. निवेश के लिए अच्छा इको सिस्टम तैयार किया जा रहा है.

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स्किल डेवलपमेंट के लिए विदेशी कंपनियों के साथ किया गया एमओयू
कार्यक्रम के दौरान स्किल डेवलपमेंट को लेकर पांच विभिन्न एमओयू किए गये, सभी एमओयू विदेशी कंपनियों के साथ किया गया. ये कंपनियां ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, स्विटजरलैंड और यूनाइटेड किंगडम की हैं. सरकार ने उम्मीद जताई है कि इन कंपनियों के साथ किये गये करार से राज्य के ग्रामीण युवाओं को काफी फायदा मिलेगा. कार्यक्रम के दौरान इन देशों से आए प्रतिनिधि भी शामिल थे. इस स्किल समिट को सफल बनाने के लिए 30 इंडस्ट्रियल और आर्थिक सेक्टर की कंपनियों ने भाग लिया. और 55 कंपनियों ने ट्रेनिंग दिलाई है. कार्यक्रम में नागरिक उडडयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा, रामचंद्र चंद्रवंशी, लुईस मरांडी, नीरा यादव, राज पलिवार, अमर बावरी, राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय, संजय कुमार, सुनील वर्णवाल सहित कई लोग मौजूद थे.

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