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गिरिडीह में पार्क के नाम पर घोटाला, हो रही हैं घोर अनियमितताएं

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Giridih : गिरिडीह में पार्क बनाने के नाम पर लूट का खेल चल रहा है. पहले बने पार्क का उद्घाटन तक नहीं हुआ और नए पार्कों का शिलान्यास धड़ाधड़ किया जा रहा है. आम लोग इसके पीछे कमीशन के खेल को कारण बता रहे हैं.

गिरिडीह में पार्क के नाम पर घोटाला, हो रही हैं घोर अनियमत्तताएंसिद्धू कोन्हू पार्क बना सफेद हाथी

गिरिडीह बस स्टेण्ड के पीछे 2010 में ही शहर के पहले पार्क का शिलान्यास हुआ था. बनने वाले पार्क का नाम सिदो कान्हू पार्क रखा गया था. गिरिडीह के सांसद रवीन्द्र पाण्डेय, विधायक निर्भय शाहाबादी, तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्ष पूनम प्रकाश और उपाध्यक्ष विभाकर पाण्डेय ने संयुक्त रूप से इस पार्क का शिलान्यास किया था. बीआरजीएफ फंड से बनने वाले इस पार्क का ठेका गिरिडीह की ही कंपनी संसार ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था. पार्क का कार्य चालू हुआ, लेकिन 9 साल गुजर जाने के बावजूद न तो पार्क पूरी तरह बन पाया और ना ही यह चालू हो पाया. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कमीशन के खेल ने इस परियोजना को बर्बाद कर दिया. आज आलम यह है कि आधा अधूरा बना पार्क जंगल झाड़ में तब्दील हो गया है. पार्क में बने कई निर्माण टूटफुट कर कमजोर हो चुके हैं. हर तरफ गंदगी फैल गई है. बंद पड़े रहने के कारण यह अधूरा पार्क असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बन चुका है. लेकिन नगर निगम के अधिकारियों और स्थानीय सांसद या विधायक को अब इससे कोई मतलब नहीं रहा.

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गिरिडीह में पार्क के नाम पर घोटाला, हो रही हैं घोर अनियमत्तताएं

अनियमित्ता का आरोप

शहर के लोगों का आरोप है कि नगर निगम में बिना कमीशन के कोई कार्य नहीं होता है. सिर्फ सिद्धू कान्हू पार्क ही नहीं, नए बनने वाले पार्कों में घोर अनियमित्ताएं हो रही है. अपनी मनपसंद एजेंसी को काम देकर पहले से सेटिंग कर लिया जाता है. शहर के शास्त्री नगर के नदी घाट पर 1 करोड़ 36 लाख की लागत से बनने वाले चिल्ड्रेन पार्क के निर्माण में भी घटिया गुणवत्ता वाली सामग्रियों के इस्तमाल की शिकायत सामने आ रही है.

सिदो कान्हू पार्क का ठेका लेने वाली एजेंसी संसार ग्रीन के अधिकारियों से जब फोन पर इस मसले पर प्रतिक्रिया लेनी की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया.

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