रिम्स ओपीडी में एमआर का कब्जा, कमीशन के चक्कर में महंगी दवा लिख रहे हैं डॉक्टर

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 06/14/2018 - 18:41

Ranchi: ये तो जग जाहिर है कि धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर वही दवा लिखते हैं, जिसमें  उन्हें ज्यादा कमीशन मिलता है. इसका उदाहरण है डॉक्टरों के इर्द-गिर्द घूमते एमआर जोउन्हें अपनी दवाईयों की विशेषतागुणवत्ता और कमीशन का पाठ पढ़ाते हैं. लिहाजा पैसे के लालच में डॉक्टर गरीब की जेब का फिक्र न कर अपनी जेब भरने की सोचते हैं. ऐसे में डॉक्टर जेनरिक दवा लिखने के बजाए ब्रांडेड कंपनी की महंगी दवा लिखते हैं. जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने स्वीकार किया है कि अभी भी अधिकांश डॉक्टर जेनरिक दवाई नहीं लिख रहे हैं.

इसे भी पढ़ें - सरकारी शराब सिंडिकेटः कैबिनेट के फैसले को पलट कर सहायक उत्पाद आयुक्त को बनाया पपेट, जिला में आयुक्त सिर्फ ओके बटन दबाते हैं (3)

मरीज से पहले एमआर को मिलता है तवज्जो

रिम्स के लगभग सभी ओपीडी और इंडोर तक में एमआर का कब्जा है. मरीज सुबह से पर्ची कटवाकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं. बावजूद इसके विभाग के डॉक्टर मरीजों को तवज्जो ना देकर पहले एमआर से मिलना मुनासिब समझते हैं. लिहाजा दूर-दराज से आए हुए मरीज परेशान रहते हैं और चांदी डॉक्टरों की रहती है. ऐसे में एमआर अपनी कंपनी के दवाओं की विशेषता बताते हैं और डॉक्टरों को कमीशन का पाठ भी पढ़ाते हैं. जिस कंपनी की दवा में डॉक्टरों को ज्यादा मुनाफा होता हैडॉक्टर वही दवा मरीजों को लिखते हैं. भले ही मरीज दवा खरीदने में समर्थ हैं या नहीं इससे डॉक्टरों का कोई सरोकार नहीं है.

इसे भी पढ़ें - फीस के नाम पर एक साल में 80 लाख की अवैध वसूली कर रहा सिल्ली पॉलिटेक्निक

मरीज घंटो करते हैं इंतजारमिनटों में बन जाता है एमआर का काम

रिम्स के मेडिसिन ओपीडी में डॉ डीके झा गुरूवार को ड्यूटी पर थे. इस दौरान गुमला से आए हुए मरीज सोमरा मुंडा बीती रात से ही डॉक्टर से दिखाने का इंतजार करते रहे. सुबह ओपीडी शुरू होते ही मरीज अपनी बारी का इंतजार करता रहा,  लेकिन डॉक्टर से मिलने के लिए पहले एमआर को भेज दिया गया. मरीज ने जब इस घटना के प्रति नाराजगी जाहिर की, तो उसे शांत रहने को कहा गया.

इसे भी पढ़ें - सिर्फ कागजों में है 50 लाख के सिल्ली पॉलिटेक्निक का महिला छात्रावास, जमीन पर नींव तक नहीं

प्रधानमंत्री का सपना जेनरिक दावा लिखें डॉक्टर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 मई को झारखंड के धनबाद से 250 जन औषधि केंद्र शुरू करने को लेकर एमओयू साइन किया था. इससे गरीबों में उम्मीद जगी है कि अब सस्ती दर पर लोगों को जेनरिक दावा मिलेगी. लेकिन डॉक्टरों के द्वारा केवल अपना फायदा, प्रधानमंत्री के सपनों को चकनाचूर करने का काम कर रहा है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

 

top story (position)
na
7ocean

 

international public school

 

TOP STORY

“महिला सिपाही पिंकी का यौन शोषण करने वाले आरोपी को एसपी जया रॉय ने बचाया, बर्खास्त करें”

यूपीः भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

सरकार जमीन अधिग्रहण करेगी और व्यापक जनहित नाम पर जमीन का उपयोग पूंजीपति करेगें : रश्मि कात्यायन

16 अधिकारियों का तबादला, अनिश गुप्ता बने रांची के एसएसपी, कुलदीप द्विवेदी गए चाईबासा

नोटबंदी के दौरान अमित शाह के बैंक ने देश भर के तमाम जिला सहकारी बैंक के मुकाबले सबसे ज्यादा प्रतिबंधित नोट एकत्र किए: आरटीआई जवाब

एसपी जया राय ने रंजीत मंडल से कहा था – तुम्हें बच्चे की कसम, बदल दो बयान, कह दो महिला सिपाही पिंकी है चोर

बीजेपी पर बरसे यशवंतः कश्मीर मुद्दे से सांप्रदायिकता फैलायेगी भाजपा, वोटों का होगा धुव्रीकरण

अमरनाथ यात्रा पर फिदायीन हमले का खतरा, NSG कमांडो होंगे तैनात

डीबीटी की सोशल ऑडिट रिपोर्ट जारी, नगड़ी में 38 में से 36 ग्राम सभाओं ने डीबीटी को नकारा

इंजीनियर साहब! बताइये शिवलिंग तोड़ रहा कांके डैम साइड की पक्की सड़क या आपके ‘पाप’ से फट रही है धरती

देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद रामो बिरुवा की मौत