रांची : 13 फरवरी से चरमरायेगी रिम्स की स्वास्थ्य व्यवस्था, बेमियादी हड़ताल पर जायेंगी जीएनएम नर्सें

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 02/10/2018 - 18:25

Ranchi : रिम्स जेनरल नर्स मिडवाइफरी कि मांग शासी परिषद की बैठक में नहीं मानी गयी. जिसका विरोध शनिवार को भी देखने को मिला. जूनियर नर्सेस एसोसिएशन के बैनर तले रिम्स की सभी जीएनएम ने रिम्स निदेशक से वार्ता किया. इस वार्ता में जीएनएम नर्सों की मांग पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया. वहीं अपनी मांग नहीं माने जाने से नाराज जीएनएम नर्स ने चेतावनी दी है. उनका कहना है कि रिम्स में हड़ताल की पूरी जवाबदेही स्वास्थ्य विभाग और रिम्स निदेशक की होगी.

गौरतलब है कि नर्सों ने शुक्रवार को काला बिल्ला लगा कर काम किया था. साथ ही उन्होंने साफ किया है कि शनिवार को पेन डाउन और रविवार मध्यरात्रि से हड़ताल पर जायेंगी. लेकिन तत्काल इमरजेंसी, लेबर रूम, ओपीडी सेवा में काम जारी रहेगा. इतने में सरकार और प्रबंधन की नींद नहीं खुलती है तो 13 फरवरी से बेमियादी हड़ताल पर जायेंगे.

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क्या है मांगें

जीएनएम नर्स एम्स के समतुल्य वेतनमान का लाभ, आश्रितों को अनुकंपा का लाभ, चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ और तकनीकी कर्मियों की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 65 वर्ष करने की मांग कर रही हैं.

रिम्स में आउटसोर्सिंग नर्स की बहाली नहीं होगी: रामरेखा राय

जूनियर नर्सेज एसोसिएशन के अध्यक्ष राम रेखा राय ने कहा की रिम्स में आउटसोर्सिंग नर्स की बहाली नहीं होने देंगे. तत्काल 35 नर्स जो आउटसोर्सिंग पर काम कर रही हैं, उन्हें अनुबंध पर करें. उन्होंने कहा कि मांग नहीं मानी गयी तो हड़ताल जारी रखेंगे. हड़ताल के दौरान किसी नर्स या मरीजों को क्षति होता है तो इसका जिम्मेवार स्वास्थ्य विभाग और रिम्स निदेशक होंगे. साथ ही रामरेखा ने कहा कि हड़ताल के दौरान रिम्स प्रबंधन बाहर से नर्सों को लाकर काम करवाना चाहते हैं. ये नर्स नहीं बल्कि नर्सिंग स्टूडेंट हैं. उन्होंने निदेशक पर आरोप लगाया है कि वे केवल डॉक्टर और अपने हित के विषय में सोचते हैं. आज तक किसी निदेशक के द्वारा नर्सों की मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया.

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