रघुवर दास बचा रहे हैं हेमंत सोरेन को, सारे सबूत देने के बाद भी तीन साल से धूल फांक रही है सीएमओ में फाइल

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 02/05/2018 - 13:15

Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास भले ही प्रतिपक्ष के नेता हेमंत सोरेन को घेरने के लिए कुछ भी बोल दें. लेकिन जब हेमंत सोरेन के खिलाफ निर्णय लेने की बात आती है, तो वो पीछे हट जाते हैं. सारे सबूत उन्हें सौंपने के बाद भी किसी तरह की कोई कार्रवाई रघुवर दास ने मुख्यमंत्री रहते हुए हेमंत सोरेन के खिलाफ नहीं की. बोकारो जिला के चास निवासी दीवान इंद्रनील सिन्हा ने हेमंत सोरेन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़े 678 पन्नों के सबूत मुख्यमंत्री रघुवर दास को सौंपी. दीवान इंद्रनील सिन्हा ने एक पत्र लिख कर पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की बात सीएम से कही. तीन साल से ज्यादा बीतने को है, लेकिन बतौर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने फाइल को अपने कार्यालय में धूल खाने के लिए छोड़ दिया. जांच के लिए किसी तरह की कोई अनुसंशा मुख्यमंत्री ने किसी एजेंसी को नहीं की.  

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सीबीआई ने उचित प्लैटफॉर्म पर शिकायत करने की सलाह दी थी

दीवान इंद्रनील सिन्हा हेमंत सोरेन के आय से अधिक संपत्ति का मामला सीबीआई के पास भी लेकर गये. 678 पन्नों के सबूतों को सीबीआई के पास रखा. जवाब में सीबीआई ने कहा कि हेमंत सोरेन के खिलाफ जांच करना उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है. कहा एजेंसी किसी पब्लिक सरवेंट या आम आदमी के खिलाफ तब तक जांच नहीं कर सकती है, जब तक एजेंसी को उचित कोर्ट या प्लैटफॉर्म से जांच के आदेश नहीं मिलते. सीबीआई ने दीवान इंद्रनील सिन्हा को लिखे लेटर में कहीं ये नहीं कहा कि उन्होंने जो सबूत पेश किया है, वो गलत है या निराधार है. सीबीआई से मिली चिट्ठी के बाद ही दीवान इंद्रनील सिन्हा ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को चिट्ठी लिखी और सीबीआई से जांच की अनुसंशा करने को कहा. लेकिन, सीएमओ की तरफ से ना ही पत्र के आलोक में कोई जवाब आया और ना ही जांच की अनुसंशा के लिए निर्देश दिये गये.

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हाईकोर्ट ने लगाया था फाइन, सुप्रीम कोर्ट में फाइन निरस्त किया

हेमंत सोरेन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामले लेकर दीवान इंद्रनील सिन्हा सबसे पहले हाईकोर्ट गये. पीआईएल करने के बाद कोर्ट ने इसपर सुनवाई करते हुए इसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने पीआईएल खारिज करने के साथ-साथ दीवान इंद्रनील सिन्हा पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया. कोर्ट के फैसले के बाद दीवान इंद्रनील सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कर रही बेंच ने श्री सिन्हा के इस कदम को सही ठहराया और उनपर लगे फाइन को तत्काल निरस्त कर दिया. साथ ही सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सारे सबूत देखने के बाद श्री सिन्हा की तारीफ की.

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सबूत है तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं

मुख्यमंत्री को सारे सबूत सौंपने के बाद आखिर किसी तरह की कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई. दीवान इंद्रनील सिन्हा ने सीएम को जो सबूत सौंपे थे, उसमें हेमंत सोरेन के परिवार के सदस्यों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के सारे सबूत थे. यहां तक कि ये भी विवरण था कि कैसे सीएनटी और एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर सोरेन परिवार ने अकूत दौलत बनायी. 678 पन्नों के कागजातों की जांच होती तो आज नजारा कुछ और होता. ऐसे में सवाल उठता है कि सारे सबूत पेश करने करने के बाद भी मुख्मंत्री ने आखिर क्यों सीबीआई जांच की अनुसंशा नहीं की.

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