पुलिस ने मेडिकल, इंजीनियरिंग सीट रैकेट का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 02/14/2018 - 18:45

Bengaluru : कर्नाटक में प्रमुख मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में नामांकन दिलाने के नाम पर कई छात्रों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये ऐंठने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है. पुलिस ने बताया कि इंजीनियरिंग में स्नातक रजत सेट्ठी और प्रबंधन की डिग्री रखने वाले जय प्रकाश सिंह ने शहर में छह फर्जी नामों से कार्यालय खोले. दोनों की आयु 31 वर्ष है. उन्होंने बताया कि दोनों ने मेडिकल और इंजीनियरिंग में स्नातक पास युवाओं को इस बात का झांसा दिया कि वे उनको प्रमुख कॉलेजों में स्नातकोत्तर की सीट दिला सकते हैं. दोनों ने इसका प्रलोभन देकर करोड़ों रुपये वसूले. तीन छात्रों की शिकायत पर कल रात दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

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नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठग लिये 85 हजार

नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में रूकने का नाम नहीं ले रहा है. पंडरा ओपी के निभानगर के रहने वाले मनोज दास और पिठोरिया निवासी रामजीत महतो ने कई युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठग लिया. मंगलवार को दोनों आरोपियों को कोतवाली थाने को सौंपा गया. पुलिस ने जब आरोपियों से इस मामले में पूछताछ की तो आरोपी ने पैसे लेने की बात को स्वीकार किया. साथ ही आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह लोग कमीशन लेकर सेल्समैन की नौकरी लगाने का काम करते हैं. कोतवाली थाने की पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को पंडरा पुलिस के हवाले कर दिया. आरोपियों से बुधवार को पंडरा ओपी में बॉन्ड भरवाया गया. जिसमें 20 हजार रुपये लौटाने की बात कही गयी. लेकिन छात्रों का आरोप है कि उनसे 85 हजार रुपये की ठगी की गयी है. वहीं छात्रों ने बताया कि थाने की मिलीभगत की वजह से सभी छात्रों को राशि नहीं लौटाया जा रहा है.

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