जेठमलानी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, कर्नाटक के राज्यपाल के फैसले को 'संवैधानिक शक्ति का घोर दुरुपयोग' बताया

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 05/17/2018 - 13:28

New Delhi : वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कर्नाटक में भाजपा को सरकार बनाने का आमंत्रण देने के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. साथ ही उन्होंने राज्यपाल के फैसले को  संवैधानिक शक्ति का घोर दुरुपयोग बताया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से तुरंत सुनवाई की मांग की. जेठमलानी ने इसके खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका में उन्होंने कहा है कि राज्यपाल वजूभाई वाला ने अपने फैसले से पद की गरिमा कम करने का काम किया है. उन्होंने अपने पद और अधिकारों का दुरुपयोग किया है.

शुक्रवार को होगी याचिका पर सुनवाई

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पीठ ने तत्काल सुनवाई के लिए दायर की गई जेठमलानी की याचिका पर विचार किया और कहा कि गुरुवार सुबह मामले की सुनवाई करने वाली तीन सदस्यीय विशेष पीठ शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी. जिसके बाद जेठमलानी कोर्ट से बाहर निकल गये

गौरतलब है कि बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने तीसरी बार कर्नाटक की कमान संभाली है. गुरुवार की सुबह 9 बजे राजभवन में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उन्हें राज्यपाल वजूभाई वाला ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई. इससे पहले राजभवन आते वक्त येदियुरप्पा ने रास्ते में राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन पूजन किया. इससे पहले सुबह-सवेरे येदियुरप्पा राजभवन पहुंचे और बीजेपी नेताओं सहित राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी से मुलाकात की. इधर येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण करने पर बीजेपी मुख्यालय और उनके आवास पर जश्न का माहौल रहा. परंपरागत नृत्य और गाने बाजे के साथ पार्टी समर्थकों का हुजूम पार्टी मुख्यालय पर लगा रहा.

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राज्यपाल ने सरकार बनाने के लिए येदियुरप्पा को दिया न्यौता

कर्नाटक में चुनावी नतीजे आने के बाद से सरकार बनाने को लेकर मची खींचतान का अंत बुधवार शाम हुआ. जब गवर्नर वजूभाई ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्यौता दिया. बुधवार की शाम बी. एस. येदियुरप्पा को नई सरकार गठित करने और गुरुवार को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया. येदियुरप्‍पा को 15 दिन में बहुमत साबित करना होगा. शपथग्रहण समारोह में पीएम मोदी और अमित शाह मौजूद नहीं रहें.

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. दरअसल, कांग्रेस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. सुप्रीम कोर्ट कर्नाटक में सरकार बनाने के लिये बीजेपी को आमंत्रित करने के राज्यपाल वजुभाई वाला के फैसले को चुनौती देने वाली कांग्रेस की याचिका पर रात में सुनवाई करने के लिये सहमत हो गया. याचिका में बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाए जाने पर रोक लगाने की मांग की गई. देर रात दो बजकर 11 मिनट से गुरुवार सुबह पांच बजकर 58 मिनट तक चली सुनवाई के बाद उच्चवतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में शपथ ग्रहण और सरकार के गठन की प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष इस मामले के अंतिम फैसले का विषय होगा. इधर गुरुवार को तड़के सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक बीजेपी को बड़ी राहत दी और येदियुरप्पा की शपथ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. उच्चतम न्यायालय की पीठ ने कहा , ‘‘ न्यायालय बी एस येद्दियुरप्पा के शपथ ग्रहण समारोह पर रोक लगाने के संबंध में कोई आदेश नहीं दे रहा है. अगर वह शपथ लेते हैं तो यह प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष इस मामले के अंतिम फैसले का विषय होगा. सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी से समर्थक विधायकों की लिस्ट भी मांगी है. साथ ही राज्यपाल को दिए गए समर्थन पत्र की भी मांग की है. मामले में अब कोर्ट शुक्रवार की सुबह 10.30 बजे दोबारा सुनवाई करेगी.

खोखली जीत का जश्न मना रही बीजेपी-राहुल

कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि बहुमत न होने के बाद भी बीजेपी की सरकार बनना संविधान का मजाक उड़ाना है. आज सुबह जब बीजेपी अपनी खोखली जीत का जश्न मना रही होगी तो भारत लोकतंत्र की हार का शोक मनाएगा.

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