पाक सेना के सुर नरम,  भारत से अपने रिश्ते सुधारने को बेकरार !

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 05/17/2018 - 17:01

NewDelhi : पाकिस्तानी सेना के सुर इन दिनों कुछ नरम पड़े हैं. खबरों के अनुसार पाकिस्‍तानी सेना के रवैये में बदलाव के संकेत मिले हैं. पाक सैन्‍य प्रवक्‍ता ने दक्षिण एशियाई पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ की गयी मुलाकात में जो कहा, उससे तो यही लगता है. बता दें कि पत्रकारों ने इंटर सर्विसेज जनसंपर्क महानिदेशालय के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर से पूछा था कि क्‍या सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पाकिस्‍तान की असैन्‍य सरकार संग भारत के साथ वार्ता प्रक्रिया में शामिल होंगे?  इस संबंध में द हिंदू का कहना है कि इस पर मेजर जनरल गफूर ने कहा कि सेना इस चरण को पहले ही पार कर चुकी है. जान लें कि भारत कहता रहा है कि शांति बहाली के लिए बातचीत प्रक्रिया के संदर्भ में सेना और पाकिस्‍तानी सरकार एकमत नहीं रहती है. ऐसे में इस तरह के प्रयास विफल होने की आशंका बनी रहती है. 

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अजीत डोभाल और नासिर जंजुआ के बीच कई दौर की हो चुकी है बातचीत  

 भारत के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पाकिस्‍तानी एनएसए नासिर जंजुआ के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है. मेजर जनरल गफूर के अनुसार भारत और पाकिस्‍तान के बीच अचानक बड़ा कदम नहीं उठाया जा सकता. कहा कि इस दिशा में शुरुआती कदम उठाये जा चुके हैं.  पाकिस्‍तानी सैन्‍य अधिकारी के अनुसार लश्‍कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों को मुख्‍यधारा में लाये बिना कुछ नहीं हो सकता. यह भी कहा कि मुंबई हमले को लेकर इस्‍लामाबाद को भारत से सबूत मिलने का इंतजार है, ताकि इस ममाले की सुनवाई पूरी की जा सके. लेकिन बता दें कि हाल् ही में पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मुंबई हमलों के लिए पाक को ही कसूरवार बताया था. इससे पाक  की राजनीति में अचानक भेचाल आ गया. इस क्रम में मेजर जनरल गफूर ने कहा कि पश्चिमी देश सोचते हैं कि पाकिस्‍तानी ओसामा बिन लादेन की पोशाक पहन कर हाथ में परमाणु बम लिये हुए है. इस मानसिकता का  क्याा करें. 

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