सिर्फ कागजों में है 50 लाख के सिल्ली पॉलिटेक्निक का महिला छात्रावास, जमीन पर नींव तक नहीं

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 06/13/2018 - 12:55

Kumar Gaurav

Ranchi : झारखंड में राज्य सरकार ने टेक्निकल संस्थान खोलने के लिए सरकारी स्तर पर कॉलेज के भवनों का निर्माण कराया. बात अलग है कि सरकार ने इसे पीपीपी मोड पर दे दिया. मगर निर्माण कार्य हो और पैसों का हेर-फेर ना हो ऐसा कैसे हो सकता है. सिल्ली स्थित पॉलिटेक्निक कैंपस में महिला छात्रावास के निर्माण के लिए पैसे भी आए. पैसा तीन टर्म में आया. पहला 40 लाख, दूसरा 3 लाख और अंतिम 7 लाख. लेकिन सिल्ली पॉलिटेक्निक कैंपस में महिला छात्रावास की नींव तक नहीं पड़ी है. सिल्ली पॉलिटेक्निक का महिला छात्रावास सिर्फ कागजों पर ही है. 

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2011-12 में ही केंद्र ने महिला छात्रावास बनाने के लिए भेजे थे 40 लाख


केंद्र सरकार ने 2011-12 में महिला छात्रावास के निर्माण कार्य के लिए छह राज्यों को पैसे भेजे थे. जिसमें झारखंड के भी दो पॉलिटेक्निक कॉलेजों के महिला छात्रावास बनाने के लिए 80 लाख रुपये भेजे थे. झारखंड के सिल्ली पॉलिटेक्निक और निरसा पॉलिटेक्निक में महिला छात्रावास का निर्माण होना था. 80 लाख के बाद भी केंद्र से दो अन्य बार 14 लाख और 6 लाख रुपये भेजे गए. लेकिन सिल्ली पॉलिटेक्निक में इसके लिए नींव तक नहीं पड़ी .

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बजट आया सरकारी कॉलेज  के नाम से, अब कॉलेज हो गया प्राईवेट


सरकार ने हॉस्टल निर्माण के लिए पैसे भेजे थे, वो गर्वमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज , सिल्ली और गर्वमेंट पॉलिटेक्निक निरसा के नाम से भेजे गए थे. लेकिन कॉलेज में महिला छात्रावास का तो निर्माण हुआ नहीं साथ ही कॉलेज भी अब सरकारी नहीं रहा. ये अब सिर्फ सिल्ली पॉलिटेक्निक के नाम से चलता है. जबकि सरकार ने इसे सरकारी स्तर पर चलाने के लिए प्रोसेस भी चालू कर दिया था, प्राचार्य तक के नाम तय कर लिए थे. 
सिल्ली पॉलिटेक्निक में छह भवनों के निर्माण को नामवार दर्शाया गया था, पांच ही बने

सिल्ली पॉलिटेक्निक के निर्माण में कुल छह भवनों का निर्माण होना था, जो नामवार था, पहला एकेडमिक बिल्डिंग, दूसरा कैंटिन, तीसरा स्टाफ हॉस्टल, चौथा एसओडी क्वॉटर, पांचवा ब्यॉज हॉस्टल, और छठा महिला छात्रावास. पहले पांच तो बने पर महिला छात्रावास सिर्फ कागजों में ही है, इसकी नींव तक नहीं पड़ी है.

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केंद्र ने इन राज्यों को भी भेजे थे महिला छात्रावास के पैसे

केंद्र के मानव संसाधन एवं विकास विभाग, उच्च शिक्षा ने महिला छात्रावास के निर्माण के लिए छह राज्यों को पैसे भेजे थे. जिसमें कर्नाटक में एक छात्रावास का निर्माण होना था, महाराष्ट्र में एक, आंध्रप्रदेश में 10, पंजाब और राजस्थान को एक-एक के लिए, वहीं झारखंड में दो महिला छात्रावास का निर्माण होना था.

शिक्षा सचिव  और मंत्री नहीं  उठा रहे हैं न्यूज विंग का फोन

पैसों का क्या हुआ, जब इस बारे में जानने के लिए उच्च शिक्षा सचिव अजय कुमार सिंह से न्यूज विंग संवाददाता ने बात करने की कोशिश तो उन्होंने फोन का जवाब नहीं दिया. साथ ही जब शिक्षा मंत्री नीरा यादव से भी बात करने की कोशिश की गई तो लगातार उनका फोन ऑफ आ रहा है.

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