खिलाड़ियों के साथ हो रहा खिलवाड़, गैरमान्यता प्राप्त संस्था करा रही राष्ट्रीय टूर्नामेंट, मंत्री को भी नहीं है खबर 

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 03/14/2018 - 20:22

Kumar Gaurav

Ranchi : खेलोगे कूदोगे होगे खराब, पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब. ये रूढ़ीवादी कहावत थी. काफी मशक्कत करने के बाद इसमें बदलाव आया. अब ये कहा जाने लगा है खेलोगे कूदोगे तो बनोगे नवाब. पर इस बदलाव को मात देने के लिए खेल की संस्थाएं ही सामने आने लगी हैं. बता दें कि पावर लिफ्टिंग इंडिया के बैनर पर राज्य के ही एक स्टेट पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इस संस्था को केंद्रीय खेल मंत्रालय के द्वारा किसी भी तरह का टूर्नामेंट कराने के लिए मान्यता नहीं है. ऐसे में देश भर से इस प्रतियोगिता में भाग लेने आ रहे प्रतिभागियों को किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिलने वाला. इससे प्राप्त सर्टिफिकेट का कोई लाभ खिलाड़ियों को नहीं मिलेगा.  एक बात और कि खिलाड़ियों से दोगुना इंट्री फी ली जा रही है. ऐसे में खिलाडियों के साथ हो रहे खिलवाड़ का जिम्मेवार कौन होगा. खबर ये भी है कि प्रतियोगिता में खेल मंत्री अमर कुमार बाउरी को मुख्य अतिथि होने का आमंत्रण भेजा गया है.

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इंट्री फी के नाम पर 1500 रुपये वसूले जा रहे हैं

टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए इंट्री फीस के रूप में 1500 रुपये लिये जा रहे हैं. यह रकम अन्य टूर्नामेंटों की इंट्री फीस की दोगुनी है. मालूम हो कि अन्य पावर लिफ्टिंग इवेंट में 500 रुपये से लेकर 800 रुपये लिये जाते हैं. झारखंड के बच्चे जो इसमें पार्टीसिपेट करने वाले हैं, सभी से 1500 रुपये वसूले गये हैं, जिसकी किसी भी तरह की प्राप्ति रसीद नहीं दी जा रही है.

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स्टेट पावर लिफ्टिंग फेडरेशन इंडियन पावर लिफ्टिंग फेडरेशन या पावर लिफ्टिंग इंडिया से संबद्ध है के सवाल पर संस्था के सदस्य प्रवीण कुमार ने कहा कि इस झमेले में पड़ने की जरूरत नहीं है.

पावर लिफ्टिंग इंडिया गैरमान्यता प्राप्त संस्थान 

जिस संस्था के द्वारा इस टूर्नामेंट का आयोजन होना है, वो संस्था किसी भी मान्यता प्रदान करने वाली संस्था की लिस्ट में दर्ज नहीं है. भारत सरकार के खेल मंत्रालय से प्राप्त सूचना के आधार पर पावर इंडिया नामक कोई भी पावर लिफ्टिंग संस्था का नाम दर्ज नहीं है. इसका मतलब साफ है कि यह संस्था कोई भी राष्ट्रीय स्तर का टूर्नामेंट का आयोजन नहीं करा सकती है. अगर कराती है तो उसके द्वारा जारी सर्टिफिकेट का कोई मतलब नहीं होगा.

इंडियन पावर लिफ्टिंग फेडरेशन को कर दिया गया है बैन

2017 की रिपोर्ट के हिसाब से इंडियन पावर लिफ्टिंग फेडरेशन को 2014 में मान्यता दी गयी थी. जिसे 2017 में 3 अक्टूबर को बैन कर दिया गया था. जिसमें ये कहा गया कि अब ये संस्था किसी भी तरह का कोई टूर्नामेंट का आयोजन नहीं कर पायेगी. जिसके बाद पावर लिफ्टिंग इंडिया नामक संस्था बना ली गयी, जिसे किसी प्रकार की कोई भी मान्यता नहीं मिली है.

1 हजार से बच्चे लेंंगे टूर्नामेंट में भाग

टूर्नामेंट का आयोजन 16 से 18 मार्च तक गुरुनानक स्कूल कैंपस में होगा. जिसमें राज्य भर के करीब 1000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे. सभी खिलाड़ियों से 1500 रुपये की दर से इंट्री फीस वसूली गयी है. आयोजन स्टेट पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन के द्वारा कराने की बात कही जा रही है पर राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम कराने के लिए अभी राज्य में कोई भी संस्था वैध नहीं है. 15 मार्च से सभी राज्यों के खिलाड़ी कार्यक्रम स्थल में पहुंचने लगेंगे.

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