बिजली टैरिफ के विरोध में आप को छोड़ किसी राजनीतिक पार्टी ने दर्ज नहीं करायी आपत्ति

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 02/13/2018 - 19:44

Ranchi: बिजली टैरिफ दर के विरोध में पिछले कुछ दिनों में कई राजनीतिक संगठनों ने सड़कों पर विरोध किया. पुतले फूंके और मीडिया में बड़े-बड़े बयान दिये. लेकिन किसी ने भी राज्य  विद्युत नियामक आयोग में अपनी आपत्ति या सुझाव दर्ज नहीं कराया. वहीं दूसरी ओर झारखंड सरकार का साथ देने वाली आजसू पार्टी और विपक्षी दलों में झारखंड मु‍क्ति मोर्चा, झारखंड विकास मोर्चा, कांग्रेस और वाम दलों ने सड़कों पर खूब विरोध किया था. राजनीतिक संगठनों में सिर्फ आम आदमी पार्टी ने नियामक आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज करायी है और सुझाव दिये हैं.

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झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने मामले में 13 फरवरी तक मांगा था सुझाव

झारखंड में बिजली दर की टैरिफ बढ़ने वाली है. इसे लेकर झारखंड राज्य3 विद्युत नियामक आयोग ने पिछली जनसुनवाई के दौरान प्रस्ताव लाया था और सुझाव मांगा था. विद्युत नियामक आयोग ने कहा था कि 13 फरवरी तक रांची स्थित आयोग के कार्यालय में व्यक्तिगत, डाक या ई मेल से भेज सकते हैं आपत्ति व सुझाव दर्ज करा सकते हैं. आयोग के इस आमंत्रण पर झारखंड के कई संस्थाानों, संगठनों और प्रबुद्ध लोगों ने अपनी आपत्ति दर्ज करायी और सुझाव दिये.

आजसू ने बिजली टैरिफ बढ़ोत्तरी पर नहीं दिये सुझाव

सरकार का साथ देने वाली आजसू पार्टी ने भी बिजली टैरिफ बढ़ोत्तरी पर विद्युत नियामक आयोग को सुझाव नहीं भेजा है. आजसू प्रवक्ताव डॉ देवशरण भगत ने कहा कि पार्टी की ओर से बिजली टैरिफ की बढ़ोत्तरी का विरोध किया गया है, लेकिन कही भी किसी तरह का कोई लिखित आपत्ति दर्ज नहीं करायी गयी है. इसी तरह झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने बताया कि पार्टी की ओर से कहीं आपत्ति दर्ज करायी गयी थी या नहीं, यह पता करना पड़ेगा. झारखंड प्रदेश कांग्रेस के राजेश ठाकुर ने भी कुछ इसी तरह का जवाब दिया. बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी के खिलाफ सरकार को बढ़-चढ़कर घेरने वाली जेवीएम को तो पता ही नहीं था कि कही कोई आपत्ति दर्ज करानी भी है. जेवीएम के तौहिद आलम ने कहा कि कोई आपत्ति दर्ज हुई है या नहीं यह पता करना होगा.

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आम आदमी पार्टी ने अपनी आपत्ति में क्या  कहा

1. बिजली की दर को यथावत रखा जाये
2. सरकार अपना ग्रांट तथा सब्सिडी जारी रखे
3. जेबीवीएनएल AT&C लॉस 8% पर लाये
4. जेबीवीएनएल आगत से लेकर निर्गत तक के सभी मदों पर होने वाले AT&C लॉस पर श्वेत पत्र जारी करे
5. जेबीवीएनएल की ये दोषपूर्ण याचिका निरस्त हो
6.जेबीवीएनएल पहले एक वर्ष में अपने निकम्मेपन और भ्रष्ट कार्यपद्धति को दुरुस्त करे और दर निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाये, तभी बिजली दर पर कोई बात करे.

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