मोदी सरकार के तीन साल पर किया गया नितिन गडकरी का दावा फेल, चौथी वर्षगांठ में भी रांची-टाटा हाईवे अधूरा

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 05/16/2018 - 18:36

Ranchi: केंद्र की मोदी सरकार का 26 मई को चार साल पूरा होने जा रहा है. अच्‍छी बात यह है कि मोदी सरकार की चौथी वर्षगांठ के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्‍सा लेंगे. इसे लेकर सीएम रघुवर सरकार बहुत ही गर्व महसूस कर रहे हैं. साल 2017 को जब मोदी सरकार के तीन साल पूरे हुए थे तो रांची में आयोजित भाजपा के जश्‍न में शामिल होने के लिए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आये थे. तब गडकरी ने रांची-टाटा हाईवे को लेकर दावा किया था कि यह काम हर हाल में साल के दिसंबर महीने में पूरा कर लिया जाएगा. इसके लिए केंद्र सरकार नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को 400 करोड़ रुपये भी देगी. परिवहण मंत्री की घोषणा के साल भर गुजर गये बावजूद इसके पैसे के अभाव में हाईवे का यह प्रोजेक्‍ट अधूरा पड़ा है. इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने भी कई बार संज्ञान लिया है.

एनएचआई रांची डिविजन के पास भी नहीं है स्पष्ट जवाब

रांची जमशेदपुर फोर लेन हाईवे कब तक बनेगा इसका जवाब राष्‍ट्रीय राजमार्ग के रांची डिविजन के पास भी नहीं हैं. इस हाईवे का 50 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद पिछले दो सालों से काम बंद पड़ा है. एनएचआई रांची डिविजन के परियोजना निदेशक अजय कुमार सिन्‍हा ने बताया कि हाईवे को पूरा करने के लिए हमारे पास पैसे नहीं है. इसे (बीओटी) बिल्‍ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर कांट्रैक्‍ट के तहत निर्माण करने वाली बिल्‍डकॉन को ही पूरा करना है. जानकारी के अनुसार पिछले दिनों दिल्ली में एनएचएआई की बैठक में कंपनी को 417 करोड़ रुपए लोन देने की सहमति बनी हैपर कंपनी की साख के कारण एनएचएआई एक मुश्त राशि का भुगतान करने के बजाए किश्त में दे रही है. इस पर एनएचआई के रांची डिविजन ने अपनी अनभिज्ञता जारी की है.

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रांची-टाटा हाईवे का निर्माण अधूरा

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गडकरी का आश्वासन भी निकला भाषण

इस मसले पर केंद्रीय पथ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी चिंता जाहिर कर चुके हैं. करीब साल भर पहले 2 मई 2017 को इसी सिलसिले में सीएम रघुवर दास ने दिल्‍ली जाकर नितिन गडकरी से मुलाकात की थी. तब केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि इसे लेकर 18 बैठकें हो चुकी हैं. तब उन्‍होंने एक सप्‍ताह के अंदर मामला सुलझाने का निर्देश भी दिया था. उसके बाद ही केंद्रीय मंत्री ने रांची में आजयोजित मोदी के तीन साल के कार्यक्रम में रांची जमशेदपुर हाईवे का काम साल के अंत तक पूरा होने का दावा किया था. उसके बाद 8 जून को परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्र सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर रांची के हरमू मैदान में भाजपा के एक कार्यक्रम को संबोंधित करते हुए दावा किया था कि 2017 के दिसंबर महीने तक रांची जमशेदपुर सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जायेगा. तब उन्‍होंने यह भी कहा था कि केंद्र सरकार नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को 400 करोड़ रुपये भी देगी.   

मधुकॉम कंपनी को मिला था काम, सुस्ती पर हाईकोर्ट ने भी कई बार लिया संज्ञान

रांची से जमशेदपुर होते हुए महुलिया तक 1635 किलोमीटर फोर लेनिंग का काम मधुकॉम प्रोजेक्ट लिमिटेड को मिला था. कंपनी के साथ एनएचआई ने 2011 में एग्रीमेंट किया. इसके तहत कंपनी को 912 दिनों में सड़क निर्माण पूरा करना था. साल 2012 में हाईवे का निर्माण शुरू भी हुआ. लेकिन बाद में अवधि विस्तार दी गई और 2015 में फोर लेनिंग का काम पूरा करने का लक्ष्य तय हुआ. निर्माण पर लगभग 1469 करोड़ के खर्च का अनुमान था. लेकिन सड़क निर्माण के काम में फॉरेस्ट क्लियरेंस व जमीन अधिग्रहण की बाधाएं आती रही. कंपनी ने भी लापरवाही की. बाद में केंद्रीय परिवहन मंत्रालय एवं एनएचआई के दबाव में फिर काम शुरू हुआ. दिसंबर 2017 तक कंपनी को एक्सटेंशन दिया गया था. काम में तेजी नहीं देख झारखंड हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया. अक्‍टूबर 2017 को कोर्ट में कंपनी ने शपथ पत्र दाखिल कर कहा था कि वह मार्च 2018 तक सड़क निर्माण पूरा कर देगी. लेकिन कंपनी का वह दावा भी फेल हो चुका है.

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अधूरा हाईवे, परेशान लोग

अब रांची से जमशेदपुर के बीच सफर करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा. यहां पांच बड़े पुल व दो फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य मानसून से पूर्व मधुकॉन प्रोजेक्ट लिमिटेड पूरा नहीं करा पायेगी. आर्थिक संकट से जूझ रही मधुकॉन प्रोजेक्ट लिमिटेड को मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे के तहत आने वाली नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से 288 करोड़ रुपए लोन दिए गए हैं. पिछले दिनों दिल्ली में एनएचएआई की बैठक में कंपनी को 417 करोड़ रुपए लोन देने पर सहमति बनी हैपर कंपनी की साख के कारण एनएचएआई एक मुश्त राशि का भुगतान करने के बजाए किश्त में दे रही है. अब निर्माण कार्य की प्रगति के आधार पर मधुकान प्रोजेक्ट लिमिटेड को राशि दी जाएगी.

कैनरा बैंक से लिये लोन का भी कंपनी ने नहीं किया उपयोग

जानकारी के अनुसार कंपनी को हैदराबाद की केनरा बैंक की शाखा ने करीब 924 करोड़ रुपए लोन दिये थे. इस राशि का पूरी तरह से सड़क निर्माण में उपयोग नहीं नहीं किया था. एनएचएआई कंपनी को काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी थीइस कारण निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है. 

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