NPU में नये सत्र से सीबीसीएस सिस्टम के तहत होगी पढ़ाई, कुलपति ने ऐकेडेमिक कॉउंसिल की बैठक में लगायी मुहर 

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 06/14/2018 - 19:53

Daltonganj : नीलांबर पीतांबर यूनिवर्सिटी के स्नातक में अब छात्रों को सीबीसीएस सिस्टम के तहत पढ़ाई करनी होगी. कुलपति डा. प्रो. एसएन सिंह की अध्यक्षता में हुई एकेडेमिक कॉउंसिल की बैठक में सीबीसीएस पर मुहर लग गयी. साथ ही कुलपति एसएन सिंह ने बताया की पीएचडी के लिए सुपरवाईजरों के लिए 2-2 सीट बढ़ाने पर सहमति बनी है, वहीं अगले सत्र से योगा, लाईब्रेरी समेत कई नए कोर्स की भी पढ़ाई शुरू की जायेगी.

नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी एमफिल कोर्स के लिए आधारभूत संरचना की उपलब्धता के आधार पर सत्र 2019-20 से प्रारंभ करने का सर्वसम्मति से विचार-विमर्श किया गया.

नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय अंतर्गत डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन प्रारंभ करने के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को अनुरोध स्मार पत्र भेजने का भी निर्णय लिया गया. इसके अलावा जीएलए कॉलेज में एमएड कोर्स प्रारंभ करने लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश कुलपति ने प्राचार्य को दिया. 

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कई सीटेंं बढ़ाने पर बनी सहमति

काउंसिल की बैठक में स्नातक स्तर पर सीबीसीएस पाठयक्रम लागू करने के लिए रांची विश्वविद्यालय के रेगुलेशन व सिलेबस को अंगीकृत किया गया. साथ ही निर्णय लिया गया कि यदि विभागाध्यक्ष चाहे तो स्थानीय स्थिति एवं वर्तमान परिवेश के अनुरूप पाठयक्रम में आवश्यक बदलाव के लिए सुझाव दे सकते हैं. पीएचडी उपाधि हेतु छात्रों की अधिक संख्या को देखते हुए सुपरवाइजर के लिए निर्धारित अधिकतम सीटों की संख्या में वृद्धि करने का भी निर्णय लिया गया, जिसके अनुसार असिस्टेंट प्रोफेसर के अंतर्गत चार सीट से बढ़ाकर छह सीट, एसोसिएट प्रोफेसर के अंतर्गत छह सीट से बढ़ाकर आठ सीट और प्रोफेसर के अंतर्गत आठ सीट से बढ़ाकर 10 सीट पीएचडी छात्रों का किया गया.

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रांची विश्वविद्यालय से लिया गया सुझाव

ज्ञात हो कि रांची विश्वविद्यालय में भी इसी प्रकार पीएचडी सुपरवाइजर के अंतर्गत अधिकतम सीटें बढ़ाई गई. विश्वविद्यालय अंतर्गत डिप्लोमा इन योगा एंड मोरल एजुकेशन पाठयक्रम को ऐड ऑनकोर्स के रूप में प्रारंभ करने पर विचार और सुझाव के लिए  सर्वसम्मति से एक समिति का गठन किया गया.

राज्य सरकार द्वारा खोले जाने वाले विभिन्न सरकारी डिग्री कॉलेजों के लिए प्रस्तावित पाठ्यक्रमों की स्वीकृति प्रदान की गई. बैठक में राज्य सरकार से प्राप्त पत्र के आलोक में वाणिज्य विषय से बीएड करने वाले छात्रों को सामाजिक विज्ञान अथवा भाषा शिक्षक के रूप में मान्यता देने के संबंध में विचार और मंतव्य देने के लिए प्रतिकुलपति की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई, जिसमें सभी संकाय अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया.

बैठक में कुलपति एवं प्रतिकुलपति के साथ मुख्य रूप से कुलसचिव डॉक्टर राकेश कुमार, विज्ञान संकाय अध्यक्ष डॉक्टर एसपी सिन्हा, वाणिज्य संकाय अध्यक्ष, सभी विभागाध्यक्ष, अंगीभूत महाविद्यालय के प्राचार्य के साथ सहायक कुलसचिव डॉ वीके देवघरिया उपस्थित थे. 

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