गोवा-बिहार के बाद मणिपुर-मेघालय पहुंची कर्नाटक की जंग, बीजेपी को उसकी ही रणनीति में घेरने की तैयारी

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 05/18/2018 - 12:17

NewsWing Desk: कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर मची घमासान के बीच विपक्ष बीजेपी को उसकी ही रणनीति में घेर रही है. कर्नाटक में बीजेपी भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो, लेकिन बहुमत का आंकड़ा उसके पास नहीं, बावजूद इसके येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ, इस आधार पर ली है कि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. अब इसी फार्मूले को विपक्ष के दल चार राज्यों में लागू करने की मांग कर रहे हैं. गोवा-बिहार के बाद मणिपुर और मेघालय में भी विपक्षी दल बीजेपी को घेर रही है.

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गोवा कांग्रेस ने राज्यपाल से मांगा है समय

गोवा में जहां कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है, गोवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश चोडणकर ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मिलने का समय मांगा है. कांग्रेस राज्यपाल से गोवा में भी कर्नाटक फॉर्मूला अपनाने की अपील कर सकती है. कांग्रेस का तर्क है जब कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का निमंत्रण मिला है, तो गोवा में भी ऐसा ही होना चाहिए. आपको बता दें कि जब गोवा की 40 विधानसभा सीटों के नतीजे आए तो स्थिति बिल्कुल कर्नाटक जैसी ही थी. कांग्रेस 16 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से दूर रही थी. बीजेपी ने 14 सीटों पर कब्जा जमाया था और अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार बना ली थी.

तेजस्वी ने भी उठाये सवाल

cvbcvbvसरकार बनाने की खींचतान, गोवा की तरह बिहार में भी राजद एक्टिव हो गई है. पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है. कर्नाटक में भाजपा सरकार बनने के बाद लालू प्रसाद के बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सवाल करते हुये कहा कि भाजपा हर मामले में अपना सिक्का चलाना चाहती है. चित भी उनकीपट भी उनका. तेजस्वी ने कहा कि कर्नाटक में अगर राज्यपाल भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं तो राष्ट्रपति से हमारी मांग है कि बिहार में बनी गठबंधन की सरकार को बर्खास्त कर राजद को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए. क्योंकि बिहार में सबसे बड़ी पार्टी राजद है इसलिए यहां राजद को सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए.

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मणिपुर में क्या हैं हालात ?

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ओकरम इबोबी सिंह मणिपुर के राज्यपाल से मिलकर राज्य में नये सिरे से सरकार बनाने चाहते हैं. उनका कहना है कि कांग्रेस मणिपुर में सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए सरकार बनाने का अधिकार उन्हें मिलना चाहिए. बता दें कि मणिपुर में कुल 60 सीटें हैं, यानी बहुमत के लिए 31 सीटें चाहिए थीं. कांग्रेस ने 28 और बीजेपी ने 21 सीटें जीतीं थीं. लेकिन बीजेपी ने एनपीपी समेत अन्य दलों के साथ सरकार बना ली.

मेघालय में भी बीजेपी को घेरने की कोशिश

बात सबसे बड़ी पार्टी की करें तो सबसे बड़ा झटका कांग्रेस को बीजेपी ने मेघालय चुनाव में दिया था. यहां कांग्रेस ने 20 सीटें जीतीं थी, जबकि बीजेपी ने केवल 2 सीटें. इसके बावजूद एनपीपी के नेतृत्व में 6 दलों के साथ बीजेपी ने सरकार बना ली.

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गौरतलब है कि 15 मई को कर्नाटक में चुनावी नतीजे आने के बाद से ही सियासी खींचतान जारी है. सरकार बनाने को लेकर बीजेपी, कांग्रेस-जेडीएस आमने-सामने है. वही शुक्रवार को मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले को बदलते हुए शनिवार को ही फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया है. इससे पहले राज्यपाल ने बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का वक्त दिया था. इसके अलावे सुप्रीम कोर्ट ने सीएम येदियुरप्पा को किसी भी तरह के नीतिगत फैसला लेने पर भी रोक लगाई है.

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