स्किल समिट पर झाविमो-कांग्रेस ने सरकार को घेरा, कहाः सरकार ने लगाया लूट का मेला

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 01/12/2018 - 21:26

Ranchi: स्किल समिट के आयोजन पर कांग्रेस और झाविमो ने सवाल उठाया है. झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि युवा दिवस के अवसर पर सरकार ने राज्य के युवाओं को छलने और ठगने का काम किया है. उन्होंने कहा कि सरकार स्किल समिट के नाम पर युवाओं को पांच-छह हजार की नौकरियां देश के दूसरे स्थानों पर लगवाने का काम कर रही है. सरकार का काम रोजगार के नए अवसर मुहैया कराने का होता है, लेकिन झारखंड सरकार प्लेसमेंट एजेंसी की तरह काम कर रही है.

गरीब जनता के पैसे का लूट-खसोट कर रही सरकार

उन्होंने कहा कि सरकार भव्य आयोजन के नाम पर राज्य के गरीब जनता के पैसे का लूट-खसोट करने कर रही है. कहा कि ऐसे कई मामले राज्य में सामने आये हैं. अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में 514 युवाओं को नौकरी के नाम पर नक्सली बनाकर आत्मसमर्पण कराया गया था. जिसके भुक्तभोगी छात्र आज भी सरकार को कोस रहे हैं. नौकरी देने के नाम पर का राज्य के युवाओं का भाजपा सरकार में अर्थिक मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा है.

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श्वेत पत्र जारी करे सरकार

बाबूलाल ने कहा कि झारखंड सरकार कौशल विकास का बजट बढ़ा कर लूट खसोट के मामले को बढ़ाने का काम कर रही है. कौशल विकास के नाम पर जिन एजेंसियों को काम दिया गया है उन्हें जॉब देने के भी शर्तें लागू की गई है. आज का आयोजन सरकार द्वारा लूट का मेला लगाया गया. सरकारी धन की सुनियोजित तरीके से कौशल विकास के नाम पर बंदरबांट की जा रही है. रघुवर सरकार को श्वेत पत्र जारी कर बताना चाहिए कि तीन साल में कितने युवाओं को रोजगार दिया गया है.

25 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देना, छलावाः सुबोधकांत सहाय

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने प्रेस बयान जारी कर, रघुवर सरकार के 25 राष्ट्रीय युवा दिवस पर 25000 युवाओं को नियुक्ति पत्र देने को छलावा करार दिया है. सहाय ने सरकार से पूछा कि इसमें सरकारी नौकरी कितनी है. सुबोधकांत सहाय ने कहा राज्य में पहले युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण के नाम पर भारी अनियमित्ता बरती गई है. उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपया का भुगतान वैसी कंपनी को किया गया है जिनके द्वारा युवाओं को गुणवत्ता शिक्षा देने के नाम पर प्रशिक्षण लेकर खानापूर्ति की गई है.

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युवाओं ने खोल दी रघुवर सरकार की पोल

सहाय ने कहा कि आनन फानन में गड़बड़ियों को छुपाने के उद्देश्य से मेगा प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया है. खेलगांव में आयोजन के दौरान युवकों ने सरकार की पोल खोल दी है. युवाओं ने सच्चाई को बताने का काम किया है. उन्होंने कहा कि समिट के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं. इसमें लोगों को बुलाया गया और दावा किया जा रहा है कि रोजगार पाकर बहुत खुश है. लेकिन सच्चाई है कि जिस तरह से निजी कंपनियों की ओर से दस हजार मानदेय पर बेंगलुरु, अहमदाबाद, दिल्ली और कोलकाता जैसे बड़े शहरों को काम करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है.

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