ई-हॉस्पिटल नेटवर्क से जुड़ेगा झारखंड, मरीजों को होगा फायदा, युद्धस्तर पर काम शुरु करने का निर्देश 

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 05/16/2018 - 19:14

Ranchi : झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और कारगर बनाने की योजना पर काम शुरु किया गया है. डॉक्टर अब मरीजों को ऑनलाइन परामर्श देंगे. जिससे अस्पताल की लंबी लाइन से लोगों को मुक्ति मिलेगी. वहीं मरीजों का पूरा रिकॉर्ड अस्पताल में मौजूद रहेगा. जिसके आधार पर किसी अन्य डॉक्टर से परामर्श लेने में आसानी होगी. ऑनलाइन व्यवस्था के शुरू हो जाने से आपतकालीन स्थिति में इलाज में देर नहीं होगी. स्वास्थ्यपरिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने झारखंड को देश के ई-हॉस्पिटल नेटवर्क से जोड़ने का फैसला किया है. इसके तहत एक दर्जन से ज्यादा तरह की सुविधाएं ऑनलाइन मिलेंगी. स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने योजना को धरातल पर उतारने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरु करने का निर्देश दिया है.

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जिला, अनुमंडल और तीन मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को बनाया जाएगा ई-हॉस्पिटल

योजना की समीक्षा के बाद स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि झारखंड में तीन चरणों में ई-हॉस्पिटल सेवा लागू की जाएगी. प्रथम चरण में राज्य के सभी 23 जिला अस्पताल13 अनुमंडल अस्पताल और तीन मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ई-हॉस्पिटल की शुरुआत होगी. द्वितीय चरण में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और तीसरे चरण में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को इस सेवा से लैस किया जाएगा. फिलहाल देश में 234 ई-हॉस्पिटल संचालित किए जा रहे हैं, जिससे मरीजों को बहुत फायदा हो रहा है. झारखंड भी ई-हॉस्पिटल योजना लागू करने वाले राज्यों की श्रेणी में जल्द शामिल हो जाएगा. विभाग का लक्ष्य अंतिम आदमी तक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाना है. लक्ष्य को पूरा करने में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी.

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ई-हॉस्पिटल कंम्पयूटर एप्लिकेशन के माध्यम से होगा संचालित

ई-हॉस्पिटल सेवा स्वास्थ्य सुविधा देने वाला एक कम्प्यूटर एप्लिकेशन है, जिसकी मदद से हॉस्पिटल का संचालन किया जाता है. इसके माध्यम से लैबमेडिकल रिकॉर्ड और मानव संसाधन संबंधी रिकार्ड के प्रबंधन में आसानी होती है. वहीं मरीज का पूरा रिकॉर्ड भी हॉस्पिटल में मौजूद होता. जिसे दूसरे अस्पताल में बैठा डॉक्टर भी आसानी से देख सकता है. इससे मरीजों को इलाज में सहायता मिलती है.

ई-हॉस्पिटल की व्यवस्था के लिए रिम्स में खरीदा गया कंप्यूटर

समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव निधि खरे ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ओआरएस) की मजबूती पर भी चर्चा की. उन्होंने रिम्स के अलावा एमजीएम जमशेदपुर, पीएमसीएच धनबाद और जिला अस्पताल रांची में व्यवस्थित तरीके से सुविधा बहाल करने का निर्देश दिया. इस मौके पर रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. आरके श्रीवास्तव ने बताया कि रिम्स मे 17 कंप्यूटर की खरीद ई-हॉस्पिटल योजना के लिए की गई है. जल्द ही डाटा इंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति की जाएगी. जिसके बाद सेवा की शुरूआत होगी. निधि खरे ने समय सीमा के अंदर प्रक्रिया को पूरा करने का निर्देश दिया. समीक्षा बैठक में एनआईसी के एसआईओ शाहिद अहमद,एनएचएम के निदेशक (वित्त) नरसिंह खलखो और एनएचएम के सिस्टम एनलिस्ट अवनीन्द्र कुमार भी मौजूद थे.

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क्या है खास ?

ई-हॉस्पिटल का संचालन करने वाले सभी अस्पताल क्लाउड सर्वर से जुड़े होते है. इसके माध्यम से मरीज का रजिस्ट्रेशनरेडियोलॉजी,इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्डलाउंड्री सर्विसइमरजेंसी रजिस्ट्रेशनब्लड बैंक मैनेजमेंटजन्म और मृत्यु का निबंधनटेलिमेडिसीन सुविधा,बिलिंग और अकाउंट सेवाएंपैथ लैबऑपरेशन थियेटर मैनेजमेंटफार्मेसी मैनेजमेंट आदि की सुविधाएं दी जाती है.

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ओआरएस) क्या है?

सरकारी अस्पतालों में सही समय पर इलाज के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम का उपयोग बहुत ही लाभप्रद साबित होता है. इसके माध्यम से डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लिया जाता है. मरीज को लाइन में खड़े होकर पर्ची कटाने की जरूरत नहीं होती है. ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में मरीज का तुरंत रजिस्ट्रेशन कर सेवा दी जाती है.

झारखंड को स्वास्थ्य सेवा के मामले में नंबर वन बनाने का लक्ष्य

स्वास्थय सचिव निधि खरे ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में झारखंड को नंबर वन राज्य बनाने का लक्ष्य है. इस दिशा में विभाग तेजी से काम कर रहा है.

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