JPSC जल्द ही शुरू करेगा असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया,  1093 पदों पर की जायेगी बहाली

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 04/09/2018 - 19:03

Ranchi : झारखंड के विश्वविद्यालयों में खाली पड़े असिस्टेंट प्रोफेसरों के पद पर नियुक्ति प्रक्रिया नहीं चलाए जाने से निराशा का माहौल बना हुआ था. वहीं, इस बीच राज्य सरकार के द्वारा विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए घंटी शिक्षक की बहली की गई है. अब आरक्षण रोस्टर की त्रुटिया दूर होने के बाद राज्य के अंगीभूत कॉलेजों में 1,093 असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त पदों को भरने की एक बार फिर उम्मीद जगी है. उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग ने आरक्षण रोस्टर को लेकर झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा गिनाई गईं त्रुटियों को दूर कर दिया है. इसी के साथ विभाग ने संशोधित आरक्षण रोस्टर पर स्वीकृति के लिए प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेजा गया है. कार्मिक विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद राज्य के पांचों विश्वविद्यालयों के माध्यम से आयोग को नियुक्ति की अनुशंसा दोबारा भेजी जाएगी. असिस्टेंट प्रोफेसरों के पद पर जेपीएससी ने इससे पहले विश्वविद्यालयों द्वारा भेजी गई अनुशंसा में आरक्षण रोस्टर तथा दिव्यांगों के लिए क्षैतिज आरक्षण के मापदंड में त्रुटि होने के कारण नियुक्ति की अनुशंसा वापस कर दी थी. जेपीएसी ने पूर्व में भी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को बुलाकर उसमें सुधार का प्रयास किया था, लेकिन सुधार नहीं हो सका. अनुशंसा वापस कर दिए जाने के बाद उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग ने रजिस्ट्रारों के साथ कई दौर की बैठकें कर इसमें सुधार किया. बता दें कि राज्य के कॉलेजों में वर्ष 2007 के बाद असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति नहीं हुई है.

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नेट या जेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य

असिस्टेंट प्रोफेसरों  के पद पर नियुक्ति के लिए संबंधित विषय में 55 फीसदी अंकों के साथ स्नातकोत्तर के अलावा नेट या जेट उत्तीर्ण होना अनिवार्य है. लेकिन वैसे उम्मीदवार जो 11 जुलाई 2009 से पहले पीएचडी उत्तीर्ण हों उन्हें नेट या जेट उत्तीर्ण होने से छूट प्रदान की गई है. स्नातकोत्तर में अनिवार्य 55 फीसद अंक में एससी, एसटी, ओबीसी तथा दिव्यांगों को पांच फीसद की छूट दी गई है. नियुक्ति के लिए अधिकतम उम्र 50 साल रखा गया है. हालांकि इसमें एससी व एसटी के अलावा पीएचडी उत्तीर्ण व दिव्यांगों को पांच साल तथा ओबीसी को तीन साल की छूट दी जाएगी.

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दोबारा नियुक्ति की अनुशंसा भेजेंगे

आरक्षण रोस्टर की सभी त्रुटियों को दूर कर लिये जाने के बाद कार्मिक विभाग से उसपर स्वीकृति मिलते ही असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिये दोबारा नियुक्ति की अनुशंसा जेपीएसी को भेजी जाएगी.

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