अरविंद जी के दस्ते से मुठभेड़ किया जेजेएमपी ने, मेडल लिया पुलिस वालों ने ! (देखें वीडियो)

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 01/04/2018 - 10:35

Latehar : करीब डेढ़ साल पहले झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के जोनल कमांडर गोपाल सिंह को टीपीसी के उग्रवादियों ने पकड़ कर जन अदालत लगाया था. जन अदालत में गोपाल सिंह ने जो बातें स्वीकार की है, उसने झारखंड पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है. गोपाल सिंह की स्वीकारोक्ति बयान का वीडियो फुटेज इन दिनों चर्चा में है. उसने ना सिर्फ बकोरिया कांड में नक्सली अनुराग और 11 निर्दोष लोगों की हत्या जेजेएमपी के उग्रवादियों द्वारा किए जाने की बात कही है, बल्कि कई अन्य मुठभेड़ में खुद के शामिल होने की बात कही है. उसके मुताबिक जेजेएमपी के उग्रवादियों ने भाकपा माअोवादी के नक्सलियों के साथ जो मुठभेड़ किए, उस मुठभेड़ की सफलता का श्रेय झारखंड पुलिस ने ले लिया. झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों व अधिकारियों ने मेडल भी लिए. जेजेएमपी एक उग्रवादी संगठन है और सरकार ने उसे प्रतिबंधित कर रखा है. एेसे में जेजेएमपी की पुलिस से नजदीकी की बात सामने आना गंभीर सवाल खड़ा करता है. हालांकि गोपाल सिंह की वीडियो की सत्यता की जांच अभी तक न तो झारखंड पुलिस ने की है और न ही किसी दूसरी एजेंसी ने. अभी वह लातेहार जेल में बंद है. इसलिए पक्के तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि वह कितना सच बोल रहा है.

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माअोवादियों के साथ हुए मुठभेड़ में जेजेएमपी का छोटू खरवार मारा गया था

वीडियो में गोपाल सिंह कह रहा है कि जेजेएमपी और माअोवादियों के साथ हुए मुठभेड़ की दो घटनाओं में वह शामिल रहा था. बुढ़ा पहाड़ में हुए एक मुठभेड़ में और चापीपाट में. चापीपाट के नजदीक जेजेएमपी के साथ भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य अरविंद जी के दस्ते के साथ मुठभेड़ हुआ था. मुठभेड़ से पहले जेजेएमपी के उग्रवादी ने भैया से बात की थी. भैया, जिसके बारे में गोपाल सिंह ने एक अन्य वीडियो में कहा है कि वह पुलिस का आदमी है. भैया की सूचना पर  मुठभेड़ के दौरान नक्सली 13 घोड़ा और मोटरसाइकिल छोड़ कर भाग गए थे. इस घटना में शामिल जवानों को मुठभेड़ के बाद पुरस्कृत भी किया गया. मुठभेड़ की इसी घटना में जेजेएमपी का एक उग्रवादी छोटू खरवार मारा गया था. जिस जगह मुठभेड़ हुई थी, वह इलाका लातेहार और गुमला जिला का सीमा क्षेत्र है. मुठभेड़ की घटना के बाद पुलिस ने इसे बड़ी सफलता बतायी थी. 

देखें वीडियो 

 

एक अन्य वीडियो में गोपाल सिंह यह कह रहा है कि मुठभेड़ के बदले उसे रुपये मिलते थे. एक बार उसे 15 हजार रुपया दिया गया था. यह पूछे जाने पर कि क्या प्रशासन व जेजेएमपी साथ में ऑपरेशन करता है. इस पर उसने कहा कि हां साथ में ऑपरेशन करता है. उसने यह भी बताया है कि उसके संगठन के लोग किसी भैया के साथ बात करने के बाद भैया फोर्स फोर्स लेकर आता था. 

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