भारत खरीदेगा 110 लड़ाकू जेट विमान,15 अरब डालर होगी कीमत, लॉकहीड मार्टिन ने किया स्वागत 

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 04/07/2018 - 12:18

Washington : अमेरिका की वैमानिकी और रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने 15 अरब डालर से अधिक के सौदे में बड़ी संख्या में लड़ाकू जेट विमान खरीदने की भारत की पहल का स्वागत किया है.  कंपनी ने कहा है कि वह इस मामले में जारी शुरुआती निविदा का जवाब देने पर गौर कर रही है. भारत करीब 110 लड़ाकू जेट विमान की खरीद करने जा रहा है. गौरतलब है कि लड़ाकू विमानों की भारी कमी का सामना कर रही वायु सेना के लिए रक्षा मंत्रालय ने 110 लड़ाकू विमान की खरीद प्रक्रिया शुरू की है.  वायु सेना पिछले एक दशक से भी अधिक समय से विमान खरीदने के लिए जूझ रही है.  रक्षा मंत्रालय ने इन विमानों की खरीद के लिए दुनियाभर की कंपनियों से आवेदन मांगते हुए जानकारी पत्र यानी रिक्वेस्ट फॉर इन्फॉरमेशन’(आरएफआई) जारी किया था. हाल के वर्ष में इतने बड़े पैमाने पर खरीदारी का दुनियाभर में यह सबसे बड़ा सौदा होगा, जिसकी कीमत 15 अरब डालर (97,500 करोड़ रुपये ) से अधिक होगी. 

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85 प्रतिशत विमानों का निर्माण भारत में होगा 
 सौदे के तहत कम से कम 85 प्रतिशत विमानों का विनिर्माण भारत में करना होगा. जबकि शेष 15 प्रतिशत जेट विमान पूरी तरह तैयार करके भारत पहुंचाये जायेंगे. अधिकारियों ने कहा, ‘‘ इस संबंध में सूचना के लिए आग्रह अथवा मेगा सौदे के लिये शुरुआती निविदा को भारतीय वायु सेना ने जारी किया है.  सौदा सरकार की रक्षा क्षेत्र में  मेक इन इंडिया पहल के अनुरूप किया जायेगा. लॉकहीड मार्टिन के रणनीति और व्यावसाय विकास, उपाध्यक्ष डॉ  विवेक लाल ने कहा कि लॉकहीड मार्टिन भारत की लड़ाकू जेट विमान के लिए सूचना भेजने संबंधी आग्रह का स्वागत करती है और हम इसका जवाब जल्द देने पर गौर कर रहे हैं. उन्होंने कहा बेहतर प्रदर्शन और औद्योगिक पैमाने के अनुसार एफ -16 ही इस प्रतिस्पर्धा में एकमात्र विमान कार्यक्रम बचता है जो कि अतुलनीय निर्यात संभावनाओं के साथ साथ भारत की संचालन जरूरतों और उसकी मेक इन इंडिया प्राथमिकताओं को पूरा करता है.  उल्बलेखनीय है कि ट्रंप प्रशासन के पिछले साल जनरल एटामिक्स से बिना शस्त्र प्रणाली वाले ड्रोन भारत को बेचने के फैसले के पीछे भी भारतीय अमेरिकी विवेक लाल की ही अग्रणी भूमिका रही.  

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वायु सेना के पास जेट विमानों की स्वीकृत संख्या 42 की तुलना में केवल 31 स्क्वैड्रन
वायु सेना के पास लड़ाकू विमानों की स्वीकृत संख्या 42 की तुलना में केवल 31 स्क्वैड्रन हैं और सरकार एक दशक से भी अधिक समय से इन विमानों की खरीद में लगी है लेकिन उसे अब तक सफलता नहीं मिली थी. वायु सेना की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए मोदी सरकार ने फ्रांस सरकार से उडऩे की हालत में तैयार 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का सौदा किया था जिसकी आपूर्ति अगले साल शुरू होने की संभावना है.

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