नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त के मामलों में वृद्धि 

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 02/08/2018 - 18:57

New Delhi:  सरकार ने गुरुवार को बताया कि नाबालिग लड़कियों की खरीद फरोख्त के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है. ऐसे मामलों की संख्या 2006 में 231 थी जो 2016 में बढ़ कर 2465 हो गई है. महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने आज राज्यसभा को यह जानकारी दी. उन्होंने गृह मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के हवाले से यह भी बताया कि वर्ष 2014 में नाबालिग लड़कियों की खरीद फरोख्त के मामलों की संख्या 2020 थी, जो वर्ष 2015 में 52.8 फीसदी बढ़ कर 3087 हो गई. 
मेनका गांधी ने  बताया कि वर्ष 2016 में नाबालिग लड़कियों की खरीद फरोख्त के सर्वाधिक 1519 घटनाएं असम में हुई.  जबकि पश्चिम बंगाल में ऐसे मामलों की संख्या 706 थी. राजस्थान में नाबालिग लड़कियों की खरीद फरोख्त के 60 मामले, हरियाणा में 56 मामले, तेलंगाना में 32 मामले, पंजाब में 25 मामले, ओडिशा में 19 मामले, आंध्रप्रदेश में 17 मामले हुए.
मेनका गांधी ने बताया कि राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो की 2015 की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2014 की तुलना में वर्ष 2015 में मानवों की खरीद फरोख्त के मामलों में 25.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. जबकि वर्ष 2014 में ऐसे मामलों की संख्या 5466 थी, जो 2015 में बढ़ कर 6877 हो गई.
एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि मानव खरीद फरोख्त सर्वाधिक संगठित अपराध में से एक है जिससे बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है। इसके पीछे यौन शोषण, बलात श्रम जैसे कारण होते हैं।

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