हज पर सब्सिडी खत्म, सब्सिडी की राशि लड़कियों की शिक्षा पर खर्च करेगी सरकार

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 01/16/2018 - 17:20

New Delhi : हज यात्रा को लेकर केंद्र की मोदी सरकार की ओर से एक बड़ा फैसला लिया गया है. केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को घोषणा की और बताया कि हज यात्रा पर दी जाने वाली रियायत इस साल से खत्म कर दी गई है. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से लिया गया यह फैसला तुष्टीकरण के बगैर अल्पसंख्यकों को सशक्त करने के उसके अजेंडे का ही एक हिस्सा है. नकवी ने बताया कि इस साल 1.75 लाख मुसलमान हज पर जाएंगे जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है.

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आजादी के बाद पहली बार भारी संख्या में  हज पर जायेंगे हज यात्री  

नकवी ने सरकार के द्वारा लिये गये इस फैसले के बारे मीडियो को संबोधित करते हुए बताया कि 2018 के हज में सरकार की ओर से सब्सिडी नहीं रहेगी और आजादी के बाद ऐसा पहली बार होगा कि सबसे ज्यादा हज यात्री हज करने के लिए जाएंगे. नकवी ने बताया कि सरकार की ओर से दी जाने वाली हज सब्सिडी का अल्पसंख्यक समाज के शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए इस्तेमाल होगा. जिसमें लड़कियों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा. इसके पीछे मकसद यह है कि शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़े समाज को बराबरी का अहसास कराया जा सके. नकवी ने इस फैसले के विरोध पर कहा कि सब्सिडी से मुसलमानों का नहीं बल्कि कुछ एजेंसियों को ही फायदा होता था और जो गरीब मुसलमान हैं , उनके लिए हमने व्यवस्था की है और जल्दी ही उन्हें पानी के जहाज से हज कराया जायेगा.    

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नकवी ने बताया कि हर साल केंद्र सरकार 700 करोड़ रुपये हज यात्रियों को सब्सिडी देती थी और पिछले साल 250 करोड़ रुपये सब्सिडी पर केंद्र सरकार ने खर्च किये थे.सरकार लगातार हज यात्रियों के लिए सब्सिडी देती आयी है.वहीं  पिछले कुछ सालों की बात करें तो सरकार ने साल 2013 में 680 करोड़, 2014 में 577 करोड़, 2015 में 529 करोड़ और साल 2016 में 405 करोड़ रुपये सब्सिडी के लिए दिए.

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