सीएम के खिलाफ परिवाद की कोर्ट में पैरवी करने वाले वकील को गढ़वा एसपी ने बुरी तरह पीटा, रिम्स में भर्ती

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 05/02/2018 - 19:49

Ranchi : गढ़वा व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता आशीष कुमार दुबे ने गढ़वा एसपी मोहम्मद अर्शी पर मारपीट करने का आरोप लगाया है. उन्होंने न्यूज़ विंग से बात करते हुए कहा है कि 30 अप्रैल की शाम साढ़े आठ बजे वे अपने घर चिनिया रोड, सहेजना जा रहे थे. घर जाने के क्रम में रंका मोड़ के पास सड़क जाम थी. अधिवक्ता आशीष अपनी गाड़ी खड़ी कर जाम हटने का इंतजार कर रहे थे. इस दौरान गढ़वा के एसपी मोहम्मद अर्शी अपने अंगरक्षक गोरेलाल के साथ रंका मोड़ पहुंचे. यहां एसपी के अंगरक्षक गोरेलाल ने अधिवक्ता का मोबाईल फोन छीन लिया. उन्हें गाली-गलौज देते हुए सड़क पर ही मारपीट की गई.

सड़क से उठाकर सदर थाना में भी की गई मारपीट

अधिवक्ता आशीष दुबे ने कहा कि रंका मोड़ पर मारपीट करने के बाद एसपी और उनके अंगरक्षक उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाकर सदर थाना गढ़वा ले गए. वहां उनका नाम पूछा और बाद में लात-घूंसे, लाठी व थप्पड़ से बुरी तरह मारा-पीटा. एसपी ने अपने अंगरक्षकों के साथ 30 अप्रैल की रात हाजत में भी मारपीट की.

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थाने में हुई पिटाई की गवाही देते जख्मों के निशान

अधिवक्ता से पीआर बांड भरवा कर छोड़ा गया

अधिवक्ता आशीष कुमार दुबे ने कहा कि गढ़वा एसपी जबरदस्ती मुझसे पीआर बांड में लिखने के लिए दबाव बना रहे थे कि मैंने सोशल मीडिया पर जातिसूचक और दंगा भड़काने की बात लिखी है. ये लिखने से इनकार करने पर एक बार फिर से एसपी ने मारपीट की. आखिरकार मुझसे रंका मोड़ पर फोटो खींचने नाम पर फोन की जांच का उल्लेख करते हुए पीआर बांड भरवाकर छोड़ा गया.

कौन हैं अधिवक्ता आशीष कुमार ?

सदर प्रखंड के अंचल नावाडीह निवासी नवलेशधर दुबे ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में सीएम रघुवर दास के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया है. छह दिसंबर को बजट पूर्व संगोष्ठी हुई थी. इसमें सीएम ने कहा कि पलामू, गढ़वा, लातेहार में बहुत बिचौलिए हैं. जाति के नाम पर लूटा कि हम ब्राह्मण हैं. अपनी जाति में शादी करता है. जात, बेटी-रोटी इन सबको रोकने के लिए रघुवर दास की सरकार है. इस टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज में जनाक्रोश पैदा हो गया. परिवाद पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे अपमानजनक शब्द से ब्राह्मण जाति को ठेंस पहुंची है. परिवाद पत्र में धारा 500/294 अंकित किया गया है. इस केस के वकील आशीष कुमार दुबे हैं. वहीं दूसरा मामला चंदा देवी नामक एक महिला से जुड़ा हुआ है. महिला ने सब जज नईम अंसारी पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. इसके बाद महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. जिसके बाद गढ़वा में आशीष कुमार दुबे ने महिला के पक्ष में न्याय मार्च निकाला था.

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सर्जरी आईसीयू में चल रहा है इलाज

अधिवक्ता आशीष कुमार दुबे को एक मई की रात 11:30 बजे रिम्स के इमरजेंसी में लाया गया था. जहां चिकित्सकों ने जांच करने के बाद उन्हें सर्जरी के आईसीयू में एडमिट कर दिया है. अधिवक्ता के पांव,पेट, पीठ और जांघ में गंभीर चोट के निशान हैं. वहीं उन्हें उल्टी और चक्कर की भी शिकायत है. उनका इलाज अभी रिम्स में चल रहा है.

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