हैकिंग (Hacking), हैकर्स (Hackers), एथिकल हैकिंग (Ethical Hacking) क्या है, इसे जानिए

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 02/14/2018 - 14:12

Prem Anand

Ranchi : वैसे तो ये तीनों शब्द एक जैसे ही लगते हैं, लेकिन ये तीनों खतरनाक लगने वाले शब्द अलग-अलग है, आइये जानते हैं कि ये है क्या. टेक्नोलॉजी (Technology) के इस दौर में हम मोबाइल, लैपटॉप, डेस्कटॉप का इस्तेमाल करते ही हैं और लगभग सभी यूजर इंटरनेट का भी इस्तेमाल करते हैंलेकिन क्या आप जानते हैं कि कोई घर बैठे इंटरनेट का इस्तेमाल करके आपके कंप्यूटर (Computer), लैपटॉप(Laptop), वेबसाइट (Website), मोबाइल (Mobile) आपके सोशल मीडिया Facebook, Twitter, Linkedin, Google plus से आपके सेंसेटिव इनफॉर्मेशन (Sensetive Information) को कॉपी, पेस्ट, डिलीट कर रहा हो, जी हां ऐसा बिलकुल संभव है और कई बार कइयों के साथ ऐसा हो भी चूका है और जो इस काम को अंजाम देता है उसे ही हैकर कहते हैं. इसे करने की प्रक्रिया को हैकिंग कहते हैं.

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अब सवाल उठता है कि ये हैकर्स कौन होते हैं और ये हैकिंग करते क्यों हैं?

हैकर्स ज्यादातर Indivisual Extra intelegent person होते हैं जिनको कंप्यूटर प्रोग्रामिंग (Computer Programming) की बहुत ही ज्यादा नॉलेज होती है और ये कंप्यूटर नॉलेज के भूखे होते हैं, लिहाजा अपने Knowledge को बढ़ाने के लिए या अपने Knowledge को टेस्ट करने के लिए ये ऐसे काम को अंजाम देते हैं. वैसे तो हैकर्स बहुत तरह के होते हैं, लेकिन साइबर एक्सपर्ट (Cyber Expert) के अनुसार ये तीन तरह के होते हैं.

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1. ब्लैक हैट हैकर्स (Black Hat Hackers) :- वैसे हैकर्स जो बिना किसी से परमिशन लिए इंटरनेट सिक्योरिटी (Internet Security) को तोड़कर किसी की वेबसाइट, लैपटॉप, कंप्यूटर से डाटा को चुरा लेते हैं या उसे डिलीट, मैनुपुलेट कर देते हैं. इनका मकसद हमेशा गलत होता है, ऐसा ये खास कर ब्लैकमेल (Blackmail) करने या फिरौती मांगने या बदला लेने के लिए करते हैं.

2. ग्रे हैट हैकर्स (Grey Hat Hackers):- वैसे हैकर्स जिनका मकसद गलत नहीं होता, लेकिन ये भी बिना किसी की इजाजत लिए इंटरनेट सिक्योरिटी तोड़कर डाटा तक पहुंचते हैं. अब ये इसे नुकसान पहुंचा भी सकते हैं और नहीं भी, ये ऐसा अपने नॉलेज को बढ़ने, टेस्ट करने या मजे लेने क लिए करते हैं, इनका कोई खास मकसद नहीं होता है.

3. वाइट हैट हैकर्स (White Hat Hackers):- प्रोफेशनल हैकर्स जो कही जॉब करते हैं, जो ऑनर (Owner) की या कानून की इजाजत से हैक करते हैं और हैकिंग की पूरी रिपोर्ट ऑनर को सौंप देते हैं, इसे एथिकल हैकिंग (Ethical Hacking) भी कहते हैं. ये हैकर्स सिक्योरिटी को स्ट्रांग करने का काम करते हैं, जिससे कि कोई हैकर्स सिस्टम को हैक न कर सके. ऐसे हैकर्स की मांग बहुत ज्यादा है, खास कर बड़े-बड़े Websites फेसबुक (Facebook), पे-पल( Paypal), ट्विटर (Twitter), या बैंकिंग सेक्टर में इन्हें अच्छे पैकेज पर रखा जाता है. अगर आप हैकर बनने की सोच रहे हैं, तो वाइट हैट हैकर बनिए इसमें अच्छा पैकेज के साथ-साथ बहुत स्कोप है.

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हैकिंग कैसे सीखे

हैकिन इतना मुश्किल भी नहीं की इसे आप नहीं सीख पाए और यह इतना आसान भी नहीं है की इसे आप एक ही दिन में सीख ले, लेकिन इसे सीखने क लिए आपको हैकिंग के साथ-साथ कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में इंटरेस्ट होनी चाहिए. हैकिंग सीखने के लिए इंडिया में बहुत सारे इंस्टिट्यूट भी है, जहां आप आसानी से एथिकल हैकिंग सीख सकते हैं और आजकल तो डिजिटल इंडिया का दौर चल रहा है, तो एथिकल हैकिंग में अच्छा स्कोप के साथ अच्छा पैकेज भी है.

अंकित फाडिया सर्टिफाइड एथिकल हैकिंग कोर्स (Ankit Fadiya Certified Ethical Hacking) इस इंस्टिट्यूट से आप हैकिंग सीख सकते हैं, यहाँ आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं.

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