अटेंशनल ब्लाइंडनेस की वजह से अक्सर होती हैं सड़क दुर्घटनायें - शोध

Submitted by NEWSWING on Mon, 01/08/2018 - 17:29

Melbourne : मोटरसाइकिल चालक अक्सर तेज रफ्तार और जल्दी में रहने की वजह से हादसों के शिकार होते हैं. जिसे एक तरह का अंधत्व यानि कि इनअटेंशनल ब्लाइंडनेस कहा जाता है, जिसका अर्थ होता है सामान्य दृश्य में अचानक से किसी वस्तु के आ जाने पर उसकी ओर ध्यान नहीं दे पाना. मोटरसाइकिल से संबंधित हादसों को मानव मस्तिष्क की एक प्रक्रिया से भी जोड़ा जा सकता है. इस प्रक्रिया में मस्तिष्क जानकारी को समझ पाने में असफल रहता है. ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह जानकारी दी.

इसे भी पढ़ें - आधार डेटा बेस में सेंधमारी: पत्रकार रचना खैरा के खिलाफ FIR की आलोचना, प्राथमिकी  वापस लेने की मांग

देखकर भी समझ नहीं पाने की वजह से होते हैं हादसे - शोध

दरअसल यह शोध ह्यूमन फैक्टर्स नाम के जर्नल में प्रकाशित हुआ है. इस शोध में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि देखकर भी समझ नहीं पाने की वजह से होने वाले हादसों को समझा जा सकता है. इस तरह के हादसे ज्यादा चिंता पैदा करने वाले हैं. स्पष्ट परिस्थितियों और किसी भी अन्य बाधा के नहीं होने के बावजूद भी ये हादसे होते हैं.

अक्सर आये दिन देखने को मिलता है कि लापरवाही और तेज रफ्तार की वजह से मोटरसाइकिल सवारों की जान चली जाती है. बीच ट्रैफिक में आगे निकलने की होड़ और ओवरटेकिंग की वजह से हादसे होते हैं. यदि भारत की बात करें तो सड़क हादसों में हर साल मानव संसाधन का सर्वाधिक नुकसान होता है. अंतरराष्ट्रीय सड़क संगठन (आईआरएफ) की एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व में करीब साढ़े बारह लाख लोगों की मौत हर साल सड़क हादसों से होती है और इसमें भारत की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से ज्यादा है. दुनिया भर में वाहनों की कुल संख्या का महज तीन प्रतिशत हिस्सा भारत में है, लेकिन देश में होने वाले सड़क हादसों और इनमें जान गंवाने वालों के मामले में भारत की हिस्सेदारी 12.06 प्रतिशत है.
 

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

loading...
Loading...