कुरमी को अादिवासी में शामिल किये जाने की अनुशंसा से भड़का गुस्सा, दुमका में हेमंत और रघुवर का फूंका पुतला

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 02/14/2018 - 19:45

Dumka : राज्य में कुरमी जाति को आदिवासी में शामिल किए जाने की अनुशंसा के बाद विधायकों और सांसदों के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है. संथालपरगना के कई गांवों में हेमंत और रघुवर दास का पुतला दहन किया जा चुका है. अनुशंसा के विरोध में अब आदिवासी समाज के धार्मिक संगठन भी राजनीतिक दलों के नेताओं के खिलाफ सड़क पर उतर रहे हैं. जिनका यह आक्रोश सिर्फ रघुवर दास के प्रति ही नहीं, बल्कि मुख्य विपक्षी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के प्रति भी है. 42 विधायकों और सांसदों द्वारा कुरमी को आदिवासी की श्रेणी में शामिल किए जाने संबंधी अनुशंसा के विरुद्ध में समिति ने हेमंत और रघुवर दास का पुतला फूंका.

इसे भी पढ़ेंः डीजीपी डीके पांडेय ने एडीजी एमवी राव से कहा था कोर्ट के आदेश की परवाह मत करो !

42 विधायकों और सांसदों ने आदिवासियों के साथ की गद्दारी

देश मांझी दिगंबर मरांडी ने कहा कि 42 विधायकों और सांसदों ने आदिवासियों के साथ गद्दारी करने का काम किया है. आदिवासी विधायक भी आदिवासियों के अधिकार को अपनी राजनीति के लिए गिरवी रखने का काम कर रहे हैं. आदिवासियों के हित में इस प्रकार का निर्णय करने वाले नेता झारखंड में सामाजिक समरसता को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं. कई नेता आदिवासी होते हुए भी आदिवासी को विरोध नीति लागू करने का समर्थन कर रहे हैं, वैसे नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा.कार्यक्रम में मुख्य रूप से आलेश हांसदा, सतीश सोरेन, मंगल मुर्मू, मोतीलाल मरांडी, सीताराम सोरेन, सुधीर मुर्मू, बापूधाम मुर्मू, गुना टुडू, बुद्धिलाल टुडू, परेश मरांडी आदि मौजूद थे.

इसे भी पढ़ेंः बकोरिया कांड : एडीजी एमवी राव ने सरकार को लिखा पत्र, डीजीपी डीके पांडेय ने फर्जी मुठभेड़ की जांच धीमी करने के लिए डाला था दबाव

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

City List of Jharkhand
loading...
Loading...

NEWSWING VIDEO PLAYLIST (YOUTUBE VIDEO CHANNEL)