फास्ट फूड से करें तौबा, रोज करें मॉर्निंग वॉक और हाइपरटेंशन को बोलें बाय-बाय

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 05/17/2018 - 14:32

NW Desk : आज के भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोगों को  सुकुन के पल शायद ही मिल पाते हैं. दिनभर की थकान और तनाव शरीर को बीमारी का शिकार बनाती है. जिसे कई बार हम इग्नोर करते हैं. लेकिन स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह रवैया हमें कई बीमारियां दे जाता है. जिनमें से एक खतरनाक बीमारी है हाइपरटेंशन. जिसकी सबसे मुख्य वजह अक्सर तनाव में रहना है. इस बारे में डॉक्टर्स कहते हैं कि हाइपरटेंशन यानि कि उच्च रक्तचाप से पहले उम्र होने के बाद ही लोग इसके शिकार होते थे. लेकिन अभी स्थिती यह है कि इस बीमारी के शिकार होने के लिये उम्र की कोई सीमा नहीं रह गई है. क्योंकि लोगों की जिंदगी तनाव भरी हो गयी है.      

क्या है हाइपरटेंशन? 
हाइपरटेंशन यानी उच्च रक्तचाप, जो शरीर में अचानक से कई बीमारियां लेकर आती है. उच्च रक्तचाप होने पर धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ता है. इसके पीछे कई वजहों को माना गया है. जैसे - तनाव, फास्ट फूड, व्यायाम की कमी के अलावा धूम्रपान का सेवन करान मुख्य रूप से शामिल हैं. दरअसल सामान्य रक्तचाप का रेंज 120/80 MMHG होता है और इसके ज्यादा बढ़ जाने से लोग हाइपरटेंशन के शिकारस होते हैं. जिसका शरीर के मुख्य अंगों जैसे, ब्रेन, किडनी, हृदय, आंख पर गंभीर असर होता है. 

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बच्चों में भी बढ़ रही है समस्या 

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हाइपरटेंशन की मुख्य वजह डॉक्टर्स लाइफस्टाइल में बदलाव के अलावा सही खान-पान ना होना मानते हैंसाथ ही डॉक्टर इसके पीछे मोबाइल और कंप्यूटर के ज्यादा इस्तेमाल को भी वजह मानते हैं. जिससे मरीजों की संख्या बढ़ रही है. बच्चों में भी तेजी से यह बीमारी घर कर रहा है. जिसके पीछे मुख्य वजह ज्यादा समय मोबाइल और कंप्यूर को देना और साथ ही गड़बड़ खानपान के अलावा फिजिकल एक्टिविटी का बिल्कुल कम होना.

छह महीने में करावायें बीपी चेक

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डॉक्टर्स कहते हैं कि हर छह महीने में एक बार बीपी जरूर चेक करवायें और खाने में तीन ग्राम नमक की मात्रा को घटायें. साथ ही अगर घर में किसी को हाइपरटेंशन की समस्या हो तो पहले से ही अलर्ट हो जायें. कभी भी यदि अचानक से घबराहट महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से बीपी चेक करवा लें. बाहर के फास्ट फूड से बचें क्योंकि एक बड़ी वजह इस बीमारी के पीछे इसे भी बताया गया है. इसके अलावा हर दिन व्यायाम और शारीरिक मेहनत भी बहुत जरूरी है. इससे हृदय रोग, स्ट्रोक व हार्ट अटैक की आशंका एक तिहाई कम हो जाएगी.

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इस तरह से करें बचाव 

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- धूम्रपान और शराब के सेवन से दूर रहें. 
- हरी-सब्जियों और फलों का सेवन ज्या से ज्याद करें. 
- कम फैट वाले डेयरी प्रॉडक्ट्स को डायट में शामिल करें. 
- हर दिन करीब एक घंटे तक व्यायाम करें, मॉर्निंग व़ॉक और रनिंग की आदत डालें.

-भोजन में नमक की मात्रा कम रखें. 
- जिनके परिवार के सदस्यों को हाई बीपी की समस्या है, उन्हें हर छह महीने में बीपी चेक कराना चाहिये. 
- शरीर को ऐक्टिव रखें और अपना वजन घटाएं. 
- फैमिली को समय दें और कहीं बाहर घूमने जायें , जिससे तनाव कम हो और आप बीमारी से दूर रहें.

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