कैबिनेट के फैसले पर कोर्ट जता सकती है सहमति, 40 हजार छात्र ही देंगे जेपीएससी मेंस, छात्रों ने कहा बिन आरक्षण के नहीं होने देंगे परीक्षा

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 05/17/2018 - 20:57

Ranchi : झारखंड हाइकोर्ट में रिट संख्या 1452 2018 की सुनवाई छठी जेपीएससी के रिजल्ट के संदर्भ में हुई. सुनवाई के बाद ये लगभग तय है कि कोर्ट कैबिनेट के फैसले को रिटेन करते हुए फैसला देगी. जिसके तहत करीब 40 हजार छात्र जेपीएससी मेंस की परीक्षा देंगे. वहीं आरक्षण अधिकार मोर्चा के छात्रों का कहना है कि किसी भी शर्त पर वे इस रिजल्ट के साथ परीक्षा नहीं होने देंगे. छात्रों का कहना है कि नोटिफिकेशन के अनुसार 15 प्रतिशत रिजल्ट जारी करें आरक्षण के साथ, तब ही परीक्षा होने दी जाएगी. वहीं जेपीएससी और सरकार का कहना है कि पहले के किसी भी परीक्षा के पीटी में आरक्षण नहीं दिया गया है.

इसे भी पढ़ें - JPSC की 12,512 नियुक्तियां थी शक के दायरे में, दिये गये थे CBI जांच के आदेश, परीक्षा के 7 साल बाद भी न्याय की आस में छात्र

छात्रों का आरोप सरकार कोर्ट को कर रही गुमराह

सुनवाई के दौरान सरकार ने कोर्ट के सामने जो तथ्य रखे, छात्रों ने उसको नकारते हुए ये आरोप लगाया कि सरकार कोर्ट को गुमराह कर रही है. सुनवाई के दौरान कोर्ट में ये कहा गया कि प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण के संदर्भ में सरकार की कोई नियमावली नहीं है. पूर्व की परीक्षा में आरक्षण नहीं दिया गया है. पर छात्रों का कहना है कि सभी के सभी तथ्य जो सरकार ने कोर्ट के सामने परोसे हैं गलत है.

इसे भी पढ़ें - जेपीएससी है स्वतंत्र संवैधानिक संस्था, पर अब सरकार लेने लगी है इसके फैसले

आरक्षण अधिकार मोर्चा रिजल्ट के संदर्भ में अपने एक सूत्री मांग आज भी करती है कि जबतक रिजल्ट रिक्तियों का 15 गुना आरक्षण नियम का पालन करते हुये नहीं आयेगा मुख्य परीक्षा नहीं होने दिया जायेगा.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

na