बनते ही कोयलांचल यूनिवर्सिटी विवादों में, डीन की नियुक्ति का विरोध, नियमावली को दरकिनार कर डीन बनाने का प्री-नोटिफिकेशन जारी

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 04/14/2018 - 19:38

Ranchi : एक अप्रैल से झारखंड में एक और यूनिवर्सिटी का नाम जूड़ गया है. बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल यूनिवर्सिटी धनबाद में होगा. बनने के तुरंत बाद ये विवि सुर्खियों में आ गया है. विवि के डीन और एचओडी के पदों पर नियुक्ति का मामला विवादों में आ गया है. डीन के पद के लिए जारी प्री नोटिफिकेशन पर जिस नाम को वरीयता दे दी गई है, उसका पीके राय कॉलेज के गणित विभाग के विभागाध्यक्ष ने विरोध किया है और नियमावली के हिसाब से अपने को वरीयता देने की मांग की है. साथ ही शिक्षक संघों ने भी अपना आपत्ति पत्र विवि के रजिस्ट्रार को सौंप दिया है.

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क्या है मामला

विश्व विद्यालय नियमावली के अनुसार देवनागरी वर्णमाला में जिस विभाग का नाम पहले आता है, नए विवि में उसी विभाग के सबसे सीनियर शिक्षक को अपने संकाय का डीन बनने का मौका मिलता है. बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि के डीन और एचओडी के प्री नोटिफिकेशन में डॉ बीके सिन्हा का नाम विज्ञान संकाय के एचओडी के रूप में शामिल है वे जूलॉजी विभाग के हैं, जबकि गणित वर्णमाला के हिसाब से पहले आता है, ऐसा दावा पीके राय मेमोरियल कॉलेज के गणित विभाग के विभागाध्यक्ष ने विवि प्रबंधन के पास पेश किया है.

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क्या कहते हैं प्रोफेसर्स

प्रोफेसरों का कहना है कि यूजीसी के नियम का उल्लंघन किया जा रहा है. झारखंड के किसी भी विवि में सामान्य कॉलेजों के प्राचार्यों को डीन नहीं बनाया गया है. बीबीएमकेयू के अधिकारी यह बताएं कि विनोबा भावे विवि में ही क्या प्राचार्य को डीन बनाया गया है. उसी विवि से अलग होकर इस विवि की स्थापना हुई है. गुरुवार को कई कॉलेजों में कॉलेज शिक्षक संघों ने बैठक की है. शिक्षकों का कहना है कि विवि कार्यालय धनबाद में रजिस्ट्रार को इस संबंध में आपत्ति से संबंधित पत्र दिया है. सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि विवि में सबसे पहले विभागाध्यक्ष की नियुक्ति होती है. विभागाध्यक्षों में से ही सीनियर शिक्षक डीन बनाए जाते हैं.

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मानकों की जांच के बाद ही एचओडी और डीन का होगा चयन

बीबीएमकेयू के डीन और एचओडी के लिए जारी किए गए नोटिफिकेशन पर दस शिक्षकों ने अपना दावा रखा है. डीन पद के लिए तीन शिक्षकों ने अपना दावा पेश किया है. कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं, जिन्होंने विवि का विभागाध्यक्ष बनने से इंकार कर दिया है. प्री नोटिफिकेशन में उनका नाम एचओडी की लिस्ट में शामिल किया गया था. विवि प्रशासन अब मानकों की जांच करने के बाद ही एचओडी और डीन का चयन करेगा.

तीन शिक्षक हैं दावेदार 

अपने दावा के संबंध में डॉ विजय कुमार ने बताया कि डीन का पद एक रोटेशनल पद है. संबंधित संकाय के सभी विभागों के एचओडी को बारी- बारी से इस पद पर नियुक्त होते हैं. इनकी नियुक्ति के लिए देवनागरी वर्णमाला के क्रम को फॉलो किया जाता है. विदित हो कि डॉ एसकेएल दास, डॉ बीएन सिंह, डॉ विजय कुमार डीन पद के दावेदार हैं. 

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