मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा- 2020 तक एक करोड़ युवाओं को दिया जायेगा प्रशिक्षण

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 04/21/2018 - 10:25

Patna: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2020 तक एक करोड़ युवा को हुनरमंद बनाने का लक्ष्य तय किया है. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार पटना के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता कार्यक्रम के उदघाट्न के मौके पर इसकी घोषणा की. इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले मैं श्रम संसाधन विभाग को इस बात के लिए बधाई देता हूं कि इन्होंने इतने शानदार तरीके से प्रतियोगिता कार्यक्रम का आयोजन किया है, इसमें इतनी रुचि दिखायी है. 

इसे भी पढ़ें: ग्राम सड़क योजना : जिन कंपनियों के खिलाफ की गई थी CBI जांच की अनुशंसा, उन्‍हीं को विभाग ने दिया फिर से काम

अल्पसंख्यक  महिलाओं के लिए चलाया जा रहा है हुनर कार्यक्रम

इतने युवाओं की भागीदारी और उनमें इतना उत्साह प्रशंसनीय है. मुझे उम्मीद है कि इसी प्रकार से एसे कामों को आगे बढ़ाते रहिएगा. इस प्रतियोगिता में कामयाब होने वाले और हिस्सा लेने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा. हमारे जो युवा इस प्रतियोगिता में सफल होकर क्षेत्रीय, राष्ट्रीय एवं विश्वस्तर पर भाग लेंगे उन्हें मैं शुभकामना देता हूं कि उसमें वो कामयाब हों. मुख्यमंत्री ने कहा कि जबसे हमारी सरकार आयी है उसके बाद से बिहार में कौशल विकास के लिए हमने काम शुरू किया. इसके लिए तंत्र को काफी विकसित किया गया. शिक्षा विभाग के द्वारा अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए हुनर कार्यक्रम चलाया गया. इसमें अच्छी सफलता के बाद समाज के अन्य वर्गों की महिलाओं के लिए इसका विस्तार किया गया. उस समय केंद्र सरकार ने इस कार्यक्रम को सराहा और इसे अपनाया भी.

इसे भी पढ़ें: बिहार: निलंबित SSP के ससुराल से फॉरेन करंसी के साथ मिले 1.58 करोड़ नकद

बिहार में सबसे अधिक अाबादी युवाओं की 

कौशल विकास मिशन को एक करोड़ युवाओं को पांच वर्षो में हुनरमंद बनाने का लक्ष्य दिया गया था. शुरुआती तीन वर्षों में काफी कठिनइयां आई और अब वर्ष 2020 तक इस लक्ष्य को प्राप्त करना है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में युवाओं की आबादी सबसे अधिक है, इसे दक्ष बनाकर उन्हें रोजगारपरक बनाया जा सकता है, जिनका उपयोग देश के अंदर अन्य राज्यों एवं विदेशों में हो सकता है. आज देश के विकसित राज्यों एवं विदेशों में दक्ष युवाओं की मांग है. बिहार के युवा अपने को हुनरमंद बनाकर अपनी उपयोगिता साबित कर सकते हैं. 

इसे भी पढ़ें: बिहार: पिता ने ही किया बेटी से रेप, पीड़िता ने की खुदकुशी, मामला दर्ज

बिहार में रोजगार की है काफी संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 12 वर्षों में हरेक क्षेत्र में काम किया गया है. हमने शुरु में ही अपने अधिकारियों से कहा था कि आप योजना बनाइये पैसे की चिंता मत कीजिए. उस समय पूरे बिहार का बजट 22 हजार करोड़ रुपए का हुआ करता था. इस साल का बजट आकार 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए का है, जिसमें 90 हजार करोड़ रुपये विकास कार्यों में खर्च होगा. शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण, उद्योग जैसे हर विभागों में काम होना है. अतः बिहार में स्किल्ड युवाओं के लिए रोजगार की काफी संभावनाएं हैं. बिहार में काम की कमी नहीं है. दीवार बनाने से सड़क बनाने तक स्किल्ड लोगों की जरुरत है. मुझे खुशी है कि इस प्रतियोगिता में इन क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है. आधारभूत संरचना, निर्माण कार्य, सामाजिक क्षेत्र के साथ-साथ हर क्षेत्रों में दक्ष लोगों की कमी है.
गौरतलब है कि वर्ष 2011 में डेवलपमेंट मैनेजमेंट इस्टीच्यूट की स्थापना की गई थी. राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता कार्यक्रम के उदघाट्न के मौके पर मुख्यमंत्री का स्वागत पुस्तक एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत के पहले मुख्यमंत्री ने लगायी गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया. 

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.