मध्य प्रदेश में 'पद्मावत' की रिलीज रोकने का सीएम चौहान ने दिया संकेत, बोले- "जो कहा था वो होगा"

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 01/12/2018 - 16:34

Bhopal : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संजय लीला भंसाली की विवादास्पद फिल्म ‘पद्मावत’ को प्रदेश में रिलीज न होने देने का आज  शुक्रवार को संकेत दिया. इस फिल्म का नाम ‘पद्मावती’ से बदलकर अब ‘पद्मावत’ कर दिया गया है. ‘पद्मावत’ पर मध्यप्रदेश में प्रतिबंध के सवाल के जवाब में चौहान ने कहा कि "जो कहा था, वो होगा."  हालांकि उन्होंने इस विवादास्पद फिल्म पर मध्य प्रदेश सरकार के रूख के बारे में अधिक स्पष्टीकरण नहीं दिया. गौरतलब है कि यह फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होने की उम्मीद है, और प्रदेश सरकार का राज्य में इस फिल्म के रिलीज होने पर रूख अब तक स्पष्ट नहीं है. स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार और प्राणायाम कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री आज यहां मीडिया से चर्चा कर रहे थे.

इसे भी पढ़ें-झारखंड के शीर्ष दो अफसरों पर संगीन आरोप, विपक्ष कर रहा कार्रवाई की मांग, सरकार की हो रही फजीहत, रघुवर चुप

पूर्व में भी चौहान ने कहा था कि फिल्म को राज्य में रिलीज नहीं होने देंगे

गौरतलब है कि 20 नवम्बर को मुख्यमंत्री निवास परिसर भोपाल में राजपूत क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधिमंडल के लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा था कि इतिहास पर जब फिल्में बनायी जाती हैं तो ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कोई बर्दाश्त नहीं करेगा. पूरा देश एक स्वर में कह रहा है कि फिल्म में ऐतिहासिक मूल्यों से खिलवाड़ किया गया है, इसलिये मैं पूरे जोश और होश में यह कह रहा हूं कि ऐतिहासिक तथ्यों से खिलवाड़ कर अगर रानी पद्मावती के सम्मान के खिलाफ फिल्म में दृश्य रखे गये तो उसका प्रदर्शन मध्यप्रदेश की धरती पर नहीं होगा. इसके बाद, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने राज्य में ‘पद्मावती’ फिल्म को रिलीज नहीं होने देने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि राज्य के लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस फिल्म को राजस्थान में रिलीज नहीं होने दिया जायेगा.

इसे भी पढ़ें-पहली बार CJI दीपक मिश्रा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस

क्या है पद्मावती विवाद

फिल्म पद्मावती को लेकर विवाद चल रहे थे. विवाद बढ़ा तो कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में फिल्म की रिलीज को रुकवाने के लिये याचिका दायर की थी. कई जगहों पर पुतले जलाये गये, फिल्म के खिलाफ नारे लगाये गये. वहीं याचिका दायर होने के बाद कोर्ट ने कहा था कि सेंसर बोर्ड ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है, ऐसे में वह कोई दखल नहीं दे सकता. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर वह दखल देता है तो यह एक तरह से प्री जजमेंट की तरह होगा. विवादों के बाद सेंसर बोर्ड ने भी फिल्म का नाम पद्मावती से बदलकर पद्मावत कर दिया था, और इसकी रिलीज को लेकर हरी झंडी दिखा दी थी.

उल्लेखनीय है कि वकील एम. एल. शर्मा ने याचिका दाखिल कर इस फिल्म से विवादित दृश्य हटाने को लेकर आदेश देने की मांग की थी. इसमें रानी पद्मावती के बारे में फिल्म में दिखाये गये मनोरंजक दृश्यों को लेकर विवाद हो गया था.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Top Story
loading...
Loading...