बोकारो एसपी ने कनीय अफसरों से कहा, बेटे को नौकरी देने के लिए शहीद होते हैं पदाधिकारीः एसोसिएशन

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 01/19/2018 - 10:39

Ranchi: बोकारो जिला के एसपी कार्तिक एस विवादों में आ गए हैं. झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने उनके खिलाफ पुलिस मुख्यालय में शिकायत की है. पुलिस मुख्यालय तक जो शिकायत पहुंची है, उसमें कई आपत्तिजनक बातें हैं. पत्र के मुताबिक 10 जनवरी को अपराध समीक्षा बैठक के दौरान एसपी कार्तिक एस ने बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों के लिए अपशब्द का प्रयोग किया. इतना ही नहीं यह भी कहा कि झारखंड में पदाधिकारी अपने बेटे को नौकरी देने के लिए शहीद होते हैं. पुलिस एसोसिएशन के महामंत्री अक्षय राम ने आइजी कार्मिक से अनुरोध किया है कि वह पूरे मामले की गहराई से जांच कराएं और एसपी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें.

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शहादत का अपमान कर रहे हैं एसपी

पुलिस एसोसिएशन अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने कहा झारखंड गठन के बाद से ही झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के जवान नक्सलियों के खिलाफ अभियान में लगाये गए हैं. नक्सलियों के खिलाफ चल रही इस लड़ाई में पिछले 17 साल में करीब 700 पुलिसकर्मी और पदाधिकारी शहीद हुए. एेसे में एसपी के स्तर से यह कहा जाना कि यहां के पदाधिकारी अपने बेटे को नौकरी देने के लिए शहीद होते हैं. यह नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए जवानों के शहादत का अपमान है.

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क्या लिखा है शिकायत पत्र में

10 जनवरी को एसपी बोकारो ने अपराध समीक्षा बैठक आयोजित किया था. जिसमें बोकारो जिला के सभी थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर और डीएसपी उपस्थित थे. बोकारो जिला के कनीय पदाधिकारियों द्वारा बताया गया है कि बैठक सुबह के 10.00 बजे से रात 1.30 बजे तक हुई. इस दौरान पदाधिकारियों के खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गयी. एसपी ने खुद पिज्जा मंगवा कर खाया और पदाधिकारी भूखे-प्यासे मुंह ताकते रहे. शिकायत पत्र के मुताबिक एसपी की अपराध समीक्षा बैठक करीब 15 घंटे तक चली. इस दौरान एसपी ने यह भी कहा कि झारखंड में पदाधिकारी अपने बेटे को नौकरी देने के लिए शहीद होते हैं. बोकारो जिला में पदस्थापित पदाधिकारियों ने यह भी शिकायत  की है कि एसपी ने अनावश्यक रुप से पदाधिकारियों को डांटा-फटकारा, अपशब्दों का प्रयोग किया और दुर्व्यवहाकर किया गया. 

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मैंने एेसा कुछ भी नहीं बोलाः एसपी

बोकारो के एसपी कार्तिक एस ने कहा कि उन्होंने शहीद होने वाली बात नहीं कही है. पुलिस एसोसिएशन के लोग अपनी तरफ से बातों को बढ़ा-चढ़ा कर बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि 102 पदाधिकारियों का तबादला किया गया है. संभव है उससे नाराज होकर वे लोग एेसा बोल रहे हैं. 

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