सुप्रीम कोर्ट से मिली स्वीकृति, रणजी ट्रॉफी सहित तमाम राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट खेल पायेगी बिहार की टीम

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 01/04/2018 - 16:59

New Delhi : उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को रणजी ट्राफी और इसी तरह की अन्य राष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की स्वीकृति दे दी. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि बिहार को क्रिकेट खेलना चाहिए.

क्रिकेट के हित को देखते हुए यह आदेश किया गया पारित

इससे पहले बिहार की टीम को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की स्वीकृति नहीं थी. न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई पाटिल की मौजूदगी वाली पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद चुने गए बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को राज्य में खेल का प्रभार मिलना चाहिए. पीठ ने कहा कि क्रिकेट के हित को देखते हुए यह आदेश पारित किया गया है.

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घरेलू टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन पा रही थी बिहार राज्य की टीम

गौरतलब है कि वर्ष 2000 में जब बिहार राज्य का बंटवारा हुआ तब लालू प्रसाद यादव को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष बनाया गया था. लालू यादव ने बतौर अध्यक्ष बीसीसीआइ की बैठक में हिस्सा लिया था और बोर्ड के चुनाव में अपना वोट भी डाला था. तब अध्यक्ष पद के लिए जगमोहन डालमिया और एसी मुथैया में मुकाबला था. लालू ने मुथैया को वोट किया था लेकिन चुनाव डालमिया जीत गये और अध्यक्ष बने. उस वक्त डालमिया ने बिहार क्रिकेट संघ को तो मान्यता नहीं दी लेकिन झारखंड क्रिकेट को दे दी. जिसके कारण बिहार राज्य की टीम घरेलू टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन पा रही थी.  आदित्य वर्मा ने टीम को मान्यता दिलाने के लिए जंग जारी रखी और अंतत: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के हक में फैसला दिया. कोर्ट के फैसले के बाद अब बिहार के खिलाड़ियों का भविष्य उज्जवल होगा. 

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