उन्नाव गैंगरेप केस में बीजेपी विधायक सेंगर पर आरोप सहीः सीबीआई

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 05/11/2018 - 09:33

Unnao: यूपी के चर्चित उन्नाव गैंगरेप केस में बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, मामले की जांच कर रही सीबीआई को विधायक सेंगर के खिलाफ कुछ अहम सबूत मिले हैं. सीबीआई का कहना है कि उन्हें कुछ ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे सेंगर की इस मामले में संलिप्तता साबित होती है. साथ ही सीबीआई को पुलिस की ओर से जांच में बरती गयी लापरवाही के भी प्रमाण मिले हैं.सीबीआई का कहना है कि फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट और घटनाक्रम को रिकंस्ट्रक्ट करने के बाद वह इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि पीड़िता द्वारा लगाया गया गैंगरेप का आरोप सही है.

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जांच के दौरान सीबीआई ने आरोपी विधायक, विधायक के भाई अतुल सेंगर समेत कई लोगों से पूछताछ की है. साथ ही पूरे घटनाक्रम को रीकंस्ट्रक्ट भी किया.पीड़िता ने 164 के तहत दर्ज बयान में घटना का जो ब्यौरा दिया है, वह सीबीआई द्वारा घटनाक्रम के रिकंस्ट्रक्शन में सही पाया गया.

 जांच में पुलिस ने बरती लापरवाही

पूरे मामले की जांच में यूपी पुलिस द्वारा लापरवाही बरतने की बात भी सामने आयी है. सीबीआई को मामले में स्थानीय पुलिस की लापरवाही के भी सबूत मिले हैं. सीबीआई जांच में सामने आया है कि पहली बार दर्ज करवाई गई FIR में पुलिस ने आरोपी विधायक का नाम शामिल ही नहीं किया था. बता दें कि सीबीआई के पास जांच के लिए इस समय जो मामला है, वह आरोपी विधायक के खिलाफ चौथी FIR थी. इतना ही नहीं केस को लटकाने और आरोपी विधायक को बचाने के लिए पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराने में भी देरी  की. इधर पीड़िता के परिवार ने शुरू में मामले की जांच कर रही स्थानीय पुलिस पर उनकी शिकायत बदलने का आरोप लगाया था. उनका कहना है कि जब केस सीबीआई के हवाले किया गया तो पुलिस ने उनकी शिकायत को फर्जी तरीके से बदलकर सीबीआई के अधिकारियों को सौंपा ताकि आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का पक्ष मजबूत हो सके.

सीतापुर जेल शिफ्ट किए गए सेंगर

बीते मंगलवार को आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर को उन्नाव से सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया. इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर ये शिफ्टिंग हुई. दरअसल पीड़िता ने हाईकोर्ट में अपील की थी कि आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से उसकी और उसके परिवार को खतरा है. वह उन्नाव में रहकर इस केस को भी प्रभावित कर सकता है. ऐसे में उसे उन्‍नाव जेल से यूपी के बाहर शिफ्ट किया जाए. आरोप ये भी है कि कुछ जेल अधिकारी भी कुलदीप सिंह सेंगर के रिश्‍तेदार हैं.

क्या है मामला

गौरतलब है कि 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता के साथ गैंगरेप किया था. और विरोध करने पर उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी. थाने में भी एफआईआर नहीं लिखी गई. इतना ही नहीं पीड़िता के पिता की पीटपीट कर हत्या भी कर दी गई. पीड़िता ने न्याय की गुहार सीएम आदित्यनाथ से भी लगाई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

बता दें कि शुरुआत से ही पूरे मामले की जांच में यूपी पुलिस द्वारा मामले को टालने और लापरवाही बरतने का आरोप लग रहा था. विधायक सेंगर की गिरफ्तारी भी हाई कोर्ट की सख्ती के बाद हुई थी, जब सीबीआई ने उन्नाव विधायक को उनके आवास से गिरफ्तार किया था.

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