अपनी एसोसिएट कंपनियों को देनदारी से उबारने के लिए आर्सेलरमित्तल ने चुकाए 7000 करोड़ रुपये

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 05/16/2018 - 15:14

Mumbai : मशहूर उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल की कंपनी आर्सेलरमित्तल ने अपने एसोसिएट कंपनियों को बकाया देनदारी से उबारने के लिए 7000 हजार करोड़ रुपये दिये हैं, जिससे दिवालियापन की देहरी पर खड़ी एस्सार स्टील के लिए वह बोली लगाने की कानूनी पात्रता हासिल कर लेगी. खबर है कि उसकी प्रतिद्वंद्वी बिडर न्यूमेटल ने यह रकम चुकाने के लिए बैंकों के निर्देश पर सवाल खड़ किये हैं. जानकारी के मुताबिक आर्सेलर मित्तल ने एसबीआई की लंदन शाखा के एस्क्रो अकाउंट में यह रकम जमा कराई है. यह रकम दो डिफॉल्टिंग कंपनियों उत्तम गाल्वा और केएसएस पेट्रॉन की बकाया राशि चुकाने के लिए जमा कराई गई है. बता दें कि लेंडर्स ने न्यूमेटल और आर्सेलरमित्तल, दोनों को बकाया चुकाने के लिए हफ्तेभर का वक्त दिया था. यह डेडलाइन मंगलवार को खत्म हो गई. एसबीआई के अकाउंट में आर्सेलर का पेमेंट पहुंच जाने के बाद एस्सार स्टील के लेंडर्स की एक कोर कमिटी ने मुंबई में न्यूमेटल और आर्सेलरमित्तल के कार्यपालक पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की. 

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आर्सेलरमित्तल ने जमा कराए 7000 करोड़

एक खबर के मुताबिक 7000 करोड़ रुपये में से लगभग 6000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल उत्तम गाल्वा का लोन रेगुलराइज करने में किया जाएगा जबकि बाकी रकम केएसएस पेट्रॉन के मामले में काम आएगी. न्यूमेटल का बकाया लगभग 40000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है, इसे चुकाने पर एस्सार स्टील के फाउंडर प्रमोटर रवि रुइया के लोन अकाउंट्स रेग्युलराइज हो सकेंगे. बैंकों ने न्यूमेटल पर इस आधार पर क्लेम किया था कि वीटीबी की अगुवाई वाले कंसोर्शियम के एक पार्टनर एस्सार के प्रमोटर रवि रुइया के बेटे हैं, लिहाजा उन्हें कनेक्टेड पार्टी के रूप में देखा गया. ईमेल से भेजे गए जवाब में आर्सेलरमित्तल के अधिकारियों ने पेमेंट किए जाने की पुष्टि की है. आर्सेलरमित्तल का कहना है कि एस्सार स्टील के लिए उसने 12 फरवरी को जो ऑफर जमा किया था, वह हमेशा ही वैध था. 

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लेंडर्स के क्लेम पर न्यूमेटल ने जताई आपत्ति

न्यूमेटल ने रवि रुइया से जुड़े लोन को रेग्युलराइज करने के लिए लेंडर्स के क्लेम पर आपत्ति जताई है. साथ ही नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल में गुहार लगाई है. न्यूमेटल अब दलील दे रही है कि लेंडर्स दूसरी बिड पर विचार करे, जिसमें उसे अपनी प्रतिद्वंद्वी आर्सेलरमित्तल पर बढ़त हासिल होगी. ट्रिब्यूनल इस मामले की सुनवाई 17 मई को करेगा. न्यूमेटल ने लेंडर्स के इस निर्णय के खिलाफ अपील की है कि उसे इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड के तहत बैंकरप्सी प्रोसेस में बिडिंग के योग्य होने के लिए बकाया रकम चुकानी चाहिए.

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