15 अप्रैल को ‘दीन बचाओ देश बचाओ’ कॉन्फ्रेंस, आपसी सौहार्द बढ़ाना मकसद

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 04/14/2018 - 13:25

Patna:बिहार, झारखंड और ओडिशा के मुस्लिम संगठन 15 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में जुट रहे हैं. प्रख्यात संगठन इमारत-ए-शरिया, फुलवारी शरीफ, पटना की ओऱ से दीन बचाओ देश बचाओ कान्फ्रेंस का आयोजन गांधी मैदान में दोपहर एक बजे से अमीर-ए- शरीयत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी की अध्यक्षता में किया है. दीन यानी धर्म धर्म बचाओ-देश बचाओ कॉन्फ्रेंस का मकसद आपसी भाईचारे, सौहार्द को बढ़ाना है. और ये एक गैर राजनीतिक कार्यक्रम होगा. ये जानकारी इमारत-ए-शरिया के नाजिम मौलाना अनिसुर रहमान कासमी ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर दी.

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कुछ लोग नफरत को दे रहे बढ़ावा

चंद सालों में देश के मुसलमानों को संविधान में मिले अधिकार को समाप्त करने की कोशीश की जा रही है. बेवजह मुसलमानों के शरई कानून में छेड़ छाड़ की कोशिश की जा रही है. लोगों में बेचैनी है और लोग यह सोचने पर मजबूर हो रहे हैं कि इस के बाद संविधान ने जो हमें अपने दीन और शरीयत पर चलने का अधिकार दिया है,  हमारे शैक्षिक संस्थान स्थापित करने की अनुमति दी है. कहीं न कहीं एक साजिश के तहत उस को मिटाने की कोशिश तेज़ हो गई है . कुछ लोग नफरत को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं जो इस देश के लिए हानिकारक है. ऐसे हालत में इमारत शरियाह ने अपना ये फर्ज़ समझा कि इस के विरुद्ध आवाज़ उठाए.

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आपसी भाईचारा बढ़ाना उद्देश्य

रविवार को पटना के गांधी मैदान में बड़ी संख्या में जुट रहे मुस्लिम विद्वानों की कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य यह है कि जो लोग हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द और आपसी भाईचारे के खिलाफ़ हैं उन्हें सचेत किया जाए. भारतीय संविधान की मर्यादा और गरिमा को बनाए रखा जाए,  धार्मिक उन्माद की राजनीति को समाप्त किया जाए, देश की गिरती आर्थिक स्थिति को सुधारा जाए, देश के विकास में जो बाधाएँ हैं उसे समाप्त किया जाए देश की तरक्की में जो रुकावटें आ रही हैं उन्हें समाप्त किया जाए हर हाथ को काम और देश के हर युवा को रोजगार दिया जाए.

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इससे पहले तीन तलाक विधेयक के खिलाफ सड़क पर मुस्लिम महिलाएं उतरी थी. अब एकबार फिर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुटकर अपना विरोध दर्ज करायेंगे. देश के इतिहास में ये शायद पहला मौका होगा, जब मुस्लिम संगठनों को लग रहा है कि उनका दीन-धर्म खतरे में है.

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