अनिल कुमार झा बने कोल इंडिया के नए चेयरमैन, रांची से ही 1983 में की थी करियर की शुरुआत

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 05/18/2018 - 19:25

Ranchi: देश की 80 फीसदी ऊर्जा की जरूरत को पूरा करने वाली भारत सरकार की इकाई कोल इंडिया की सबसे ताकतवर कुर्सी पर कौन बैठेगा? इसका जवाब भारत सरकार ने आज दे दिया. महानदी कोलफील्ड लिमिटेड के सीएमडी अनिल कुमार झा को पीएमओ की अपॉइंटमेंट कमेटी ने कोल इंडिया का चेयरमैन बनाया है. इनका कार्यकाल 31 जनवरी 2020 तक का रहेगा. बताते चलें कि अनिल कुमार झा सीसीएल के अगरड्डा कोलियरी में जीएम भी रह चुके हैं. कोल इंडिया के चेयरमैन के लिए एक सर्च कमेटी बनायी गयी थी. कमेटी में कोल इंडिया और पीएमओ की तरफ से अधिकारी सदस्य थे. 35 आवेदनों में नौ अधिकारियों को कमिटी ने शॉटलिस्ट किया. इसके बाद 16 फरवरी 2018 को सभी नौ अधिकारियों को फिर से इंटरव्यू के लिए बुलाया गया. इसी बीच कार्यवाहक कोल इंडिया के चेयरमैन गोपाल सिंह को 22 अप्रैल को पद से हटा दिया गया और कार्यवाहक चेयरमैन के रूप में सुरेश कुमार को पद दिया गया, सुरेश कुमार कोल इंडिया में एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर हैं.   

धरी की धरी रह गयी बाकियों की दावेदारी

मार्च महीने में यह खबर आने लगी थी कि गोपाल सिंह को कोल इंडिया का चेयरमैन बनाया जा सकता है. पुष्ट सूत्रों की माने तो सभी नौ शॉटलिस्ट उम्मीदवारों में तीन उम्मीदवार अपनी दावेदारी पुख्ता रूप से रख रहे थे. जिनमें डब्लयूसीएल के सीएमडी आरआर मिश्रा, सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह और एससीसीएल (सिंगरैनी कोलियरिज कंपनी) के सीएमडी एस श्रीधर थे. तीनों अधिकारी अपनी दावेदारी को पुख्ता मान कर चल रहे थे. लेकिन सभी की दावेदारी धरी की धरी रह गयी. भारत सरकार की तरफ से अनिल कुमार झा के नाम पर मुहर लगी.

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1983 में रांची से की थी करियर की शुरुआत

अनिल कुमार झा को करीब 32 साल का तजुर्बा है. वो MOIL में प्रोडक्शन एंड प्लानिंग के डायरेक्टर थे. जिसके बाद उन्हें महानदी कोलियरी का सीएमडी बनाया गया. अनिल कुमार झा कई मामलों में दक्ष हैं. इन्हें माइन प्लानिंग, प्रोडक्शन, मैनेजमेंट सुपरविजन, भूमिगत खदानों के साथ-साथ ओपन माइंस का भी काफी तजुर्बा है. इन्होंने माइन प्लानिंग एंड डिजाइन में इंडियन स्कूल ऑफ माइनस से एमटेक किया है. सबसे ताज्जुब की बात है कि इन्होंने 1983 में रांची के सीसीएल हेडक्वार्टर से अपने करियर की शुरुआत की थी. 

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