शराब से भी ज्यादा खतरनाक है फेसबुक व वाट्सएप की लत, कहीं आपके अपने भी तो बीमार नहीं

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 02/19/2018 - 10:11

Newswing Desk: फेसबुक व वाट्सएप का इस्तेमाल कई लोगों के शराब से भी खराब लत बन चुका है. खास कर युवाओं और बच्चों में. कई घरों में इसे लेकर किचकिच होने लगी है और इसकी लत को छुड़ाने पर लोग विचार करने लगे हैं. इस बीमारी को इंटरनेट एडिक्शन का नाम दिया जा रहा है. लेकिन अब इससे मुक्ति के लिए काउसलिंग की व्यवस्था शुरु की गयी है. एम्स के राष्ट्रीय व्यलन उपचार केंद्र ने इसकी शुरुआत की है. इंटरनेट की लत से मुक्त करने के लिए ट्रेनिंग और काउंसलिंग शुरु की गयी है.

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चिड़चिड़े हो रहे हैं लोग

राष्ट्रीय व्यसन उपचार केंद्र के आचार्य डॉ. राकेश लाल ने बताया कि इंटरनेट के एडिक्शन के कारण लोग चिड़चिड़े हो रहें हैं. हमेशा इंटरनेट पर व्यस्त रहने के कारणण लोगों का काम प्रभावित हो रहा है. साथ ही परिवार में कलह बढ़ रहा है. इंटरनेट एडिक्शन के शिकार लोग ज्यादातर अपने मोबाइल पर ही व्यस्त रहते हैं. खुद को अकेले रखना पसंद करते हैं. इससे उनका निजी और सामाजिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है. साथ ही लोगों को उनके गुस्से का भी शिकार बनना पड़ रहा है. कुल मिलाकर यह लत शराब या किसी दूसरे नशे से भी खराब व खतरनाक लत बन गया है.

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घर में परिवार के साथ रह कर भी एक-दूसरे को टाइम नहीं देते हैं लोग

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जल्द इलाज नहीं तो बाद में मुश्किल

मनोचिकित्सकों के मुताबिक अन्य दूसरे नशे की तरह ही इंटरनेट पर फेसबुक व वाट्सएप की लत का इलाज भी जितना जल्दी शुरु हो जाये, उतना बेहतर. क्योंकि दूसरे नशे की तरह की तरह ही इंटरनेट एडिक्शन भी कई लेवल का होता है. शुरुआती दौर में इसे छुड़वाना आसान होता है. पर, जैसे-जैसे इंटरनेट एडिक्शन का लेबल बढ़ता जाता है, इससे मुक्ति भी मुश्किल हो जाती है.  

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सड़क पर जब भी थोड़ा टाइम मिलता है फेसबुक व वाट्सएप खोल लेते हैं लोग

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हर शनिवार को काउंसलिंग क्लास

जानकारी के मुताबिक एम्स के चिकित्सकों ने हर शनिवार को काउंसलिंग क्लास की शुरुआत की है. ताकि इसे पीड़ित लोग क्लास में शामिल होकर अपनी एडिक्शन से मुक्ति पा सके. दरअसल होता यह है कि इंटरनेट एडिक्शन के शिकार लोग फैंटसी करने लगते हैं. इंटरनेट पर मोजूद कांटेंट को ही सही मानने लगते हैं. और जो लोग उससे विपरित बात करते हैं, उसे अपना दुश्मन समझने लगते हैं.

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अॉफिस में भी हर वक्त  फेसबुक व वाट्सएप देखते रहते हैं लोग

क्या है बीमारी की पहचान

  • अश्लील चीजें देखने की आदत इसके शुरुआती लक्षण है
  • हर वक्त अकेले रहने की चाहत
  • मोबाइल को खुद से दूर नहीं होने देना
  •  इंटरनेट  का इस्तेमाल न कर पाने से बेचैनी, चिड़चिड़ापन और गुस्‍सा आने लगना
  • हाथ एवं कलाई में दर्द होना
  • सूखी आंखें
  • वजन बढ़ना या घटना
  • सिरदर्द और कमरदर्द
  • रात को देर से सोना
रुपरपह
हर वक्त लैपटॉप से चिपके रहना

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