हत्या के एक वर्ष बाद हुआ मामले का खुलासा, निर्दोष खा रहे थे जेल की हवा, हत्यारे घूम रहे थे बाहर

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 02/10/2018 - 21:18

निर्दोष को फंसाने वाले को भेजेंगे जेल : एसपी
Gidhhor :
प्रखंड मुख्यालय निवासी विनय दांगी की 15 वर्षीया पुत्री के अपहरण कांड में एक नया मोड़ आया है. पुलिस ने मामले का उद्भेदन करते हुए कॉल ट्रेस के आधार पर तीन लोगों को रविवार को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित एसआईटी टीम ने की है. इनमें दो लोगों को जेल भेज दिया गया. गिरफ्तार लोगों में बभवने डेमोटांड़ थाना क्षेत्र के नसीम खान व कटकमदाग थाना क्षेत्र के टेंपो चालक शौकत खान के साथ-साथ गिद्धौर के सलीम मियां के पुत्र मो. सद्दाम शामिल है. 

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अपहरण के दो दिन बाद कर दी गयी थी हत्या

बताया जाता है कि विनय दांगी की 15 वर्षीया पुत्री का अपहरण 13 जनवरी 2017 की रात किया गया था. जबकि इसकी हत्या 15 जनवरी 2017 को कटकमदाग थाना क्षेत्र के कुंडलीबागी चौक के समीप बेस गांव के पास कर दी गयी थी. इधर विनय दांगी द्वारा स्थानीय थाना में 19 जनवरी को अपनी पुत्री के अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था. इसमें गिद्धौर के प्रताप कुमार, नागेश्वर दांगी व कमलेश कुमार को अभियुक्त बनाया गया था. अनुसंधान के क्रम में कमलेश दांगी का नाम इस कांड से हटा दिया गया, जबकि इन लोगों पर की गई प्राथमिकी उद्भेदन के बाद पूरी तरह से फर्जी निकली. थाना प्रभारी अजय कुमार पंजीकार ने बताया कि मो. सद्दाम व नसीम खान दोनों मिलकर 13 जनवरी 2017 को मोटरसाइकिल से बच्ची को अपहरण कर हजारीबाग ले गये, जहां से इन लोगों द्वारा बच्ची को रांची में भी कुछ देर के लिए रखा. वहां से वापस हजारीबाग आए, जहां पर टेंपो चालक शौकत खान को टेंपो के साथ बुलाया. तीनों अभियुक्तों ने मिलकर बच्ची के साथ गलत काम किया. तत्पश्चात पकड़े जाने के डर से उसी रात बच्ची की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी. 17 जनवरी 2017 को कटकमदाग पुलिस ने कुंडलीबागी बेस गांव के समीप अज्ञात शव बरामद किया. इधर पुलिस अपहरण मामले की तहकीकात में जुटी रही. एक वर्ष बाद कॉल ट्रेस के माध्यम से तीनों अभियुक्तों को पुलिस ने बीते रविवार को धर दबोचा. तीनों ने इस हत्याकांड में शामिल होने की बात पुलिस के सामने स्वीकार की है. गठित टीम में पुलिस इंस्पेक्टर बंधन भगत, थाना प्रभारी अजय कुमार पंजीकार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे.

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