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भंसाली की ‘पद्मावती’ सती प्रथा कानून का उल्लंघन करती है: विज

News Wing

Chandigarh, 14 November: हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘रानी पद्मावती’ पर इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने और ‘सती’ प्रथा से संबंधित कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि सेंसर बोर्ड को जनता की भावनाओं का ध्यान रखते हुए इसकी रिलीज रोक देनी चाहिए.

महान रानी के ‘‘आपत्तिजनक’’ चित्रण से उनकी छवि खराब हुई है: अनिल विज

अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहने वाले मुखर मंत्री ने आरोप लगाया कि फिल्म में महान रानी के ‘‘आपत्तिजनक’’ चित्रण से उनकी छवि खराब हुई है. विज ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को पहले से ही इस संबंध में लोगों की भावनाओं के अवगत करा दिया गया है.

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इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गयी है: विज 

विज ने कहा, ‘‘रानी पद्मावती देश का गौरव थीं. युद्ध में राजा राण रतन सिंह की मौत के बाद उन्होंने 16,000 महिलाओं के साथ जौहर कर लिया था. इतने ऊंचे चरित्र वाली रानी को जनता के सामने नाचते हुए दिखाना अपमान की बात है. यह बहुत आपत्तिजनक है, क्योंकि इसमें इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गयी है.’’ उन्होंने कहा कि देश में सती प्रथा पर पूरी तरह प्रतिबंध है और ऐसी फिल्म को अनुमति नहीं दी जा सकती जिसमें सती प्रथा को बढ़ावा दिया गया हो. यह कानून का उल्लंघन है.

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