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ओलंपिक मेडल जीतना चाहते हैं साहिल, छह से आठ घंटे करते हैं टेनिस की प्रैक्टिस

Sakshi Agrawal, News Wing

Ranchi, 02 October: टेनिस का नाम सुनते ही स्विस खिलाड़ी रोजर फेडरर का चेहरा जेहन में आता है. इस खेल में करियर बनाने वाला हर युवा इन्हें अपना आदर्श मानता है. ऐसे ही एक खिलाड़ी हैं बरियातु निवासी 14 वर्षीय साहिल आमीन.

सात साल की उम्र से टेनिस सीख रहे

साहिल सात साल की उम्र से टेनिस सीख रहे हैं और अब तक उन्होंने कई खिताब अपने नाम किये हैं. साहिल का कहना है कि आगे चलकर वह इस खेल के माध्यम से देश का नाम रौशन करना चाहते हैं. ओलंपिक खेलों में देश को मेडल जीताने के सपने के साथ दिन- रात मेहनत कर रहे हैं.

साहिल का जुनून देख हमारी हिम्मत जागी

साहिल के पिता कंस्टेबल मो. इमरान खान बताते हैं कि साहिल ने जब टेनिस सीखने की बात कही थी, उस वक्त हमें टेनिस के बारे में जानकारी ही नहीं थी. और एक मध्यम वर्गीय परिवार के लिए इतने महंगे खेल के लिए जुगाड़ आसान नहीं था. हमारी इच्छा थी कि साहिल पढ़ाई में ध्यान दे, लेकिन इस खेल के प्रति उसके लगाव को देखते हुए प्रशिक्षण दिलाना शुरू किया. आज भी हर माह 20 हजार रुपए उसके खेल में लगते हैं.

साहिल अपने सपने को पूरा करने के लिए बहुत मेहनत करते हैं. टेनिस के प्रति जुनून और लगन ने कामयाबी से उनका परिचय कराया.

- 2013 में उन्होंने अपना पहला चैंपियनशिप मैच खेला और उस मैच के विजेता भी रहे.

-  2014 में बंगाल टेनिस चैंपियनशिप का भी खिताब उन्होंने जीता.

- 2015 के महाराष्ट्र टेनिस चैंपियनशिप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की.

यह तो बस शुरूआत है, मंजिल तो ओलंपिक

अपनी उपलब्धियों पर साहिल कहते हैं कि यह तो बस शुरूआत है, उनकी मंजिल तो ओलंपिक है. हर जीत उन्हें और मेहनत करने की हिम्मत देती है. साहिल कहते हैं कि रांची में बड़े अकादमी का अभाव है, जिसकी वजह से टेक्निकल मामले में परेशानी आती है. टेक्निकल चीजें सीखने के लिए यू-ट्यूब का सहारा लेते हैं.

बेटे के सपने को पूरा करने के लिए मां ने छोड़ी नौकरी

साहिल अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं. उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी होने के बावजूद पिता ने उनका हौसला बढ़ाया तो वहीं उनके सपने को पूरा करने के लिए मां रजिया खातून ने नौकरी तक छोड़ दी. साहिल ने बताया कि जब प्रैक्टिस के बाद वह घर लौटते हैं, तो उनकी मां तेल मालिश करती हैं औऱ उनके खान-पान का विशेष ध्यान रखती हैं.

रोजाना छह से आठ घंटे प्रैक्टिस

साहिल रोजाना छह से आठ घंटे प्रैक्टिस करते हैं. नवंबर में कोलकात्ता में ऑल इंडिया टेनिस ऐसोसियेशन का मैच होना है. साहिल इसी की तैयारी में लगे हैं.

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