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रांची के कई पंडालों में होती है पारंपरिक विधि से माता की पूजा

News Wing:Ranchi, 25 September: रांची के हरिमति मंदिर में साल 1935 से ही पारंपरिक तरीके से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता रहा है. इस मंदिर में बांग्ला परंपरा के अनुसार पूजा की जाती है. यहां कलश स्थापना षष्ठी को की जाती है. हरिमति मंदिर के अलावा रांची के देशप्रिय क्लब में भी वर्ष 1961 से ही पारंपरिक विधि विधान से माता की पूजा का आयोजन किया जाता रहा है.

षष्ठी के दिन शाम सात बजे होगा उदघाटन

लालपुर के वर्द्धमान कंपाउंड में स्थित इस मंदिर के पूजा कमिटी के अध्यक्ष बीएन रॉय के अनुसार हरिमति मंदिर पूजा पंडाल का उददघाटन 26 सितंबर को होगा. 26 तारिख को षष्ठी के दिन शाम सात बजे मेकन के महाप्रबंधक राणा शुभाशीष चक्रवर्ती यहां पंडाल का उदघाटन करेंगे. 

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत और मेयर आशा लकड़ा होंगे शामिल

उदघाटन के दौरान मेयर आशा लकड़ा और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय भी मौजूद रहेंगे. यहां विधिवत तरीके से बंगाल के पुजारी बलि, पुष्पांजलि, कुंआरी कन्या पूजन का कार्य संपन्न करायेंगे. सप्तमी से नवमी तक हर दिन भक्तों के बीच भोग का प्रसााद वितरित किया जायेगा. बंग्ला रीति के अनुसार ही यहां 30 सितंबर को सिंदूर खेला का कार्यक्रम संपन्न होगा.

देशप्रिय क्लब में पंचमी को खुलेगा पंडाल का पट

रांची के ही देशप्रिय क्लब में साल 1961 से पारंपरिक विधि विधान से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है. इस वर्ष बोधन पंचमी के कारण शाम सात बजे ही पट खोल दिये जायेंगे. पट खुलने के साथ ही विधिवत बंगाली तरीके से पूजा शुरू हो जायेगी. यहां कलश स्थापना पंचमी को ही संपन्न होगा. यहां बंगाली रीति रिवाज से पूजा करनेवाले भक्त भारी संख्या में मां की अराधना के लिए इकटठे होते हैं.

 

महिषासुरमर्दिनी नाटक का मंचन

यहां पट खुलने के बाद से ही महिषासुरमर्दिनी नाटक का मंचन भी किया जायेगा. यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जायेगा. अष्टमी और नवमी को भक्त यहां भोग का प्रसाद प्राप्त कर सकेंगे.

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