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वायदे भूल जश्न में मग्न सरकार

सुरजीत सिंह

झारखंड की रघुवर सरकार के 1000 दिन पूरे हो गए हैं.  10-12 दिनों से दिख रहा है कि सरकार जश्न के मूड में है. विकास के 1000 दिन, रोजगार के 1000 दिन, सुशासन के 1000 दिन, ईमानदारी के 1000 दिन जैसे नारों के पोस्टर, बैनर व होर्डिंग से रांची शहर पटा हुआ है. यह अलग बात है कि इन 10-12 दिन में लोग लगातार सड़क जाम में फंसते रहे. अनियमित बिजली आपूर्ति से दो-चार होते रहे. इस दौरान जहरीली शराब पीने से लोग मरे. किसी अखबार में 17 तो किसी में 21 के मरने की खबर आयी. सरकार ने या सरकार की तरफ से किसी जिम्मेदार अफसर ने मरने वालों की असल संख्या बताने की जरूरत ही नहीं समझी. एमजीएम जमशेदपुर और रिम्स में 100 से अधिक बच्चों की मौत हो गयी. सरकार ने कहा कुपोषण के कारण मौत हुई. 

गरीबी, भुखमरी, कुपोषण, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली किसकी जिम्मेदारी है. कौन हैं लापरवाह या कुपोषण के जिम्मेदार ? क्या किसी पर जिम्मेदारी तय की गयी. नहीं. क्योंकि सरकार तो अभी जश्न के मूड में है. वह वायदे पर वादे किए जा रही है. हर बार एक नया वायदा. नए तरीके से. नया नारा. लोग कहते हैं सरकार को लोग जनता को बेवकूफ समझती है,  बनाती है. पर इसमें गलत क्या है. जब हम ही उस लायक हैं. जह हम उनके पुराने वायदों को याद नहीं रखेंगे. सामने वाले को याद नहीं दिलायेंगे. उनसे सवाल नहीं करेंगे. तब स्थिति तो यही रहेगी ना. हम यहां सरकार की महत्वपूर्ण घोषणाओं को रख रहें हैं. सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री ने क्या-क्या कहा. एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर कैसे सुर बदले और अब क्या कह रहे हैं. मुख्यमंत्री के बयानों, वायदों पर गौर करने पर सरकार की विफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है.

फिर किस पर करें भरोसा

जब मुख्यमंत्री खुद यह कहने लगे कि सरकार के पास जादू की छड़ी नहीं है. सिर्फ ब्यूरोक्रेसी की बदौलत विकास नहीं हो सकता. साल भर सरकार चलाने के बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास का यह बताना सरकार की विफलता का सबूत नहीं है. जब सरकार के हाथ में जादू की छड़ी नहीं है और ब्यूरोक्रेसी से काम होगा ही नहीं. तो फिर विकास की जिम्मेदारी किसकी है ? क्या सरकार और ब्यूरोक्रेट्स सिर्फ डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने का ठेका देने (जो आने वाले वक्त में बड़ा घोटाला बनके सामने आने वाला है) और घोषणा, टेंडर करने के लिए हैं. सरकार यह क्यों नहीं बताती कि साल भर पहले 13 अगस्त 2016 को भगवान बिरसा मुंडा के जन्मस्थल उलीहातू में जो विकास का वायदा किया. वह साल भर बाद क्यों नहीं पूरा हुआ. इसके लिए कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार हैं ?  

बात कानून-व्यवस्था व नक्सलवाद की करें तो यह सुन-सुन कर लोगों के कान पकने लगे हैं कि छह माह में नक्सलवाद समाप्त हो जायेगा. विपक्ष आरोप लगा रहा है कि सरकार ने 1000 दिन में काम कम आयोजनों पर ज्यादा ध्यान दिया. क्या यह सच है ? क्या विपक्ष के आरोप में दम है ? एक तरह से देखा जाए तो विपक्ष भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा. विपक्ष आंकड़े व तथ्यों के साथ अपनी बात नहीं कह रहा. विधानसभा में महालेखाकार की रिपोर्ट पेश की गयी. विपक्ष उस रिपोर्ट पर बात करना नहीं चाहता. सबको डर है कि उनके अपने भी ना फंसने लगे. 

सरकार की घोषणाओं पर एक नजर डालिए, हालात स्पष्ट हो जायेंगे. 

20 जनवरी 2015 को क्या कहा था, क्या तय किया था

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद रघुवर दास ने कई बड़े वायदे किए थे. लोगों को भी लगा था पहली बार बहुमत की सरकार बनी है. नन ट्राईबल सीएम बना है. राज्य का कल्याण होगा. मुख्यमंत्री ने 20 जनवरी 2015 को एटीआई के सभागार में राज्य भर के सचिवालय से सचिवों के अलावा राज्य के सभी जिलों के डीसी-एसपी के साथ बैठक की थी. मुख्यमंत्री ने बैठक में कई चौंकाने वाली बातें कही थीं. साथ ही कई महत्वपूर्ण फैसले लिए थे. जिसका दूरगामी फायदा राज्य और यहां की जनता को मिलने वाला था. हम यहां उनके द्वारा कही गयी बातों को रख रहें हैं, ताकि आप तय कर सकें कि क्या कहा था और क्या किया. 

मुख्यमंत्री ने जो कहा था 

-भ्रष्ट अधिकारी सुधरें, नहीं तो वीआरएस लेकर जायें. (किसी भी भ्रष्ट अफसर ने वीअारएस नहीं लिया, न सरकार ने इसके लिए उन्हें मजबूर किया.)

-वैसे थानेदारों की सूची दें, जो केवल शहरी क्षेत्र में ही रहते हैं. उन्हें उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में भेजेंगे. (हटाए गए.)

-चिरकुट नेताओं को कैसे मिल जाता है बॉडीगार्ड. बॉडीगार्ड से लोग बच्चा खेलवाते हैं अौर सब्जी मंगवाते हैं. (भाजपा समर्थित लोगों को अब भी दो-दो बॉडीगार्ड मिल रहा है. सरकार चहेते अफसर एसपी पर दवाब डाल कर दिलवा रहे हैं.)

-पुलिस जमीन दलाली से दूर रहे. (दलाली अब भी जारी है. बरियातू पुलिस का वीडियो भी सामने अाया.

विकास कार्यों में बाधा डालकर नेतागिरी करने वालों को बंद करेंगे.)

- सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होने से पहले ही रोकेंगे. (सरकार ने अतिक्रमण करने वालों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरु कर दी है.)

- पारसनाथ में पुलिस कैंप लगायें, तीर्थ यात्रियों को पूरी सुरक्षा मिले. (कैंप स्थापित किया गया.)

क्या तय किया था

- प्रत्येक सप्ताह थाना दिवस मनाया जायेगा. (नहीं मनाया जा रहा.)

- मामले के निष्पादन के लिए आइटी का इस्तेमाल होगा. (नहीं हो रहा.)

- थानों में हेल्प डेस्क बनेगा. (कुछ गिनती थानों में ही बना)

- जमीन संबंधी मामलों को देखने के लिए अलग से थानों का गठन होगा. (नहीं हुअा) 

- झारखंड में लैंड डिस्प्यूट एक्ट बनेगा. (नहीं बना)

- रांची में चार और अंचल बनेंगे. (नहीं बना)

- एसपी को विधि परमार्शी मिलेगा. (नहीं मिला)

सरकार के एक साल पूरा होने पर सीएम ने ऐसे बदला सुर ( अाज के हालात क्या हैं, यह अपने अास-पास देख लें)

14 जनवरी 2016 : सीएम रघुवर दास ने एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार के पास जादू की छड़ी नहीं है, सब्र करें. 

19 जनवरी 2016 : रांची की पहाड़ी मंदिर को विश्व पर्यटन मैप पर लायेंगे.

20 जनवरी 2016 : प्लानिंग न होने से योजनाएं समय पर पूरी नहीं होती. 

31 जनवरी 2016 : गांव में सड़क, सिंचाई नहीं होना शर्म की बात. 

02 फरवरी 2016 : अफसर कुरसी ना तोड़ें, फिल्ड में जायें.

09 फरवरी 2016 : जमीन व कोल माफिया की पहचान कर सूची बनाकर कार्रवाई करें.

22 फरवरी 2016 : दो साल में आधुनिक होंगे सरकारी स्कूल. 

23 फरवरी 2016 : नौकरशाहों के भरोसे नहीं हो सकता विकास.

12 अप्रैल 2016 : अधिकारियों को आदेश दिया कि गांवों में स्ट्रीट लाईट लगाएं. 

13 अप्रैल 2016 : आंबेडकर जयंती पर कहा, सरकार सफाईकर्मियों को साइकिल व ड्रेस देगी. 

18 अप्रैल 2016  ः तेली, रौतिया को एसटी का दर्जा देने पर सरकार कर रही विचार. केंद्र को प्रस्ताव भेजा जायेगा. 

29 अप्रैल 2016 : वर्ष 2018 से रांची में 24 घंटे बिजली देंगे. 

01 मई 2016 : झारखंड जल्द बनेगा पावर हब.

09 मई 2016  : वर्ष 2017 तक हर गांव में डॉक्टर होंगे. 

11 मई 2016 : तीन साल में सभी प्रखंडों में बनेंगे अधुनिक रिकॉर्ड रुम. 

13 अगस्त 2016 को भगवान बिरसा के जन्मभूमि उलीहातू में मुख्यमंत्री ने जो घोषणा की

- एक साल में बिरसा की जन्मभूमि व कर्मभूमि की सूरत बदल जाएगी.

- बिरसा मुंडा के गांव उलीहातू के सभी 71 घरों को सरकार पक्का बनवायेगी. एक सप्ताह के अन्दर काम शुरू होगा.

- गांव में बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था की जाएगी.

- बिरसा आवासीय विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरा जायेगी.

- गांव में एम्बुलेंस देने की बात कही थी. 

- उलीहातू में जल्द ही अस्पताल खोला जाएगा.

- गृहमंत्री ने कीताहतु में कहा था कि झारखण्ड की हरियाली सूखने ना दें.

- बिरसा मुंडा के परिवार के चार सदस्यों को सहायक पुलिस की नौकरी दी जाएगी.

- बाहर गए आदिवासियों को बुलाएंगे रोजगार देंगे.

- बिरसा आवासीय विद्यालय के मैदान में पोलीग्रास लगायी जाएगी. साथ ही खेल की समुचित व्यवस्था की जाएगी. 

अब 17 सितंबर 2017 को उलीहातू में अमित शाह ने क्या कहा

- आजादी के 75 साल तक किसी ने विकसित करने की नहीं सोची. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद स्वतंत्रता सेनानियों के गांव को विकसित करने की योजना बनाई है. जिसके तहत आज वीर शहीद बिरसा मुंडा के गांव को विकसित करने की योजना का शुभारंभ हुआ. 

- पूरे राज्य में शहीदों के 19 गांवों को विकसित किया जाएगाण् यह उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगीण्

- यहां पक्के मकान शुद्ध पेयजल बिजली शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं का संपूर्ण विकास किया जाएगा. 

- वर्ष 2022 तक धरती आबा बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिदो-कान्हू जैसे तमाम वीर शहीदों के सपनों का भारत और झारखंड के निर्माण होगा.  

घोषणाओं को पलटती रही सरकार

12 जनवरी 2015  ः प्रत्येक शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताअों से मिलेंगे. जनता दरबार लगायेंगे. 

स्थिति : बाद में सीएम ने हर माह के पहले शनिवार को जनता दरबार लगाने का आदेश दिया. भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलने का दिन बुधवार को निर्धारित किया गया. इसमें भी बदलाव हो गया. अब कुछ भी नहीं हो रहा.  

16 सितंबर 2015 : सीएम के अदेश पर शिक्षा विभाग में डॉक्टरों की हाजिरी मुखिया से बनवाने का प्रस्ताव तैयार किया.

स्थिति : सरकार ने प्रस्ताव को वापस ले लिया.

02 दिसंबर 2015 : मुख्यमंत्री ने सर्व शिक्षा अभियान में हुई अनियमितता के मामले में तत्कालीन मानव संसाधन सचिव आइएएस बीके त्रिपाठी से राशि वसूलने का आदेश दिया. 

बाद में क्या किया-  बाद में सरकार ने प्रकाशकों से राशि की वसूली करने का आदेश दिया. 

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