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बरकट्ठा सीओ मामला: क्या हुआ था बरकट्ठा थाने में 15 नवंबर को (देखें वीडियो)

NEWS WING

Hazaribagh, 18 November: हजारीबाग के बरकट्ठा सीओ की गिरफ्तारी के बाद बरकट्ठा थाने में आखिर ऐसा क्या हुआ था, जिसके बाद पूरे राज्य के प्रशासनिक पदाधिकारी सामूहिक अवकाश पर चले गए थे. शनिवार की सुबह से बरकट्ठा थाने में बनाये गये दो वीडियो और डीएसपी अॉफिस में बनाया गया एक वीडियो वायरल है. न्यूज विंग के हाथ लगे वीडियो देखने के बाद सच सामने आ रहा है. बरकट्ठा थाने में थानेदार मंजित सिंह ने ऐसा क्या कहा. डीएसपी ने ऐसी कौन सी बात कह दी. सारी बातों को जानने के लिए नीचे लगे वीडियो को देखिए.

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पुलिस ने एफआईआर करने से मना किया था

आपको इस खबर में लगे वीडियो में थाना प्रभारी और डीएसपी साफ कहते सुनायी देंगे कि वो एफआईआर नहीं कर सकते हैं. क्योंकि इसके लिए उपर से दिशा-निर्देश नहीं दिया गया है.  झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बार-बार कहते हैं कि आप एफआईआर नहीं दर्ज कर सकते हैं तो लिख कर दें. लेकिन उन्हें जवाब मिलता है कि एफआईआर दर्ज करने का निर्देश नहीं दिया गया है. हालांकि बीच में थाना प्रभारी यह भी कहते हैं कि वह आवेदन को रिसिव कर लेंगे, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं कर सकते.   

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क्या हुआ था

सीओ मनोज कुमार तिवारी के चालक और अन्य छह लोगों ने बरकट्ठा थाना में एसीबी की टीम के खिलाफ आवेदन दिया था. जिसमें सभी लोगों ने घटना के वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहने की बात कही है. आवेदन में कहा गया है कि पहले मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो लोग सीओ के आवास के पास आकर खड़े हो गए. और मोबाइल से फोन करके किसी को सूचना दी कि सीओ साहेब क्वार्टर में हैं. इसी बीच अचानक तीन गाड़ियां आवास के निकट आ गयी. जिसमें सवार पुलिसकर्मी उतरकर तेजी से क्वार्टर के भीतर चले गए. हम लोग (आवेदन करने वाले छह लोग) भी अंदर गए. देखा कि सीओ खाना खा रहे थे. पुलिस कर्मियों ने उन्हें खाना खाने से रोका और बताया कि वे सभी एसीबी से हैं. फिर सीओ के साथ मारपीट शुरु कर दी. जिससे उनका चश्मा टूट गया और आंख के नीचे कट गया. खून गिरने लगा. तभी एक सिपाही सीओ के पैंट के पिछली जेब में रुपया डालने लगा. सीओ के द्वारा इसका विरोध किया जा रहा था. हमलोगों (आवेदन करने वाले छह लोग) ने भी इसका विरोध किया. इस पर एसीबी की टीम के पदाधिकारी व जवानों ने गाली-गलौज की और जेल भेजने की धमकी दी. साथ ही संतोष जोगी नामक व्यक्ति को गाड़ी में बैठा लिया. सभी छह लोगों ने कहा है कि उन लोगों के समक्ष एसीबी टीम ने न तो सीओ का हाथ धुलवाया और न ही राशि जब्त की गयी. 

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क्या हुआ था देखें वीडियो

 

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