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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाता है सोतोकान कराटे (देखें वीडियो)

NEWSWING

Ranchi,  20 October : महिलाओं की सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता की मुहीम में सोतोकान कराटे का अहम योगदान है. समाज में बढ़ती हिंसा और अपराध से बचाव के लिए रांची के डोरंडा कॉलेज में बच्चों को कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. छोटी सी उम्र में अपनी सुरक्षा के लिए तत्पर नन्ही सी बच्ची ने कराटे के फायदे बताये. कराटे का हर एक स्टेप ऐसा मानो सामने वाले को चित कर दे. टीचर का आदेश सुनते ही तुरंत स्टेप चेंज और फिर दमदार पंच. यह है कराटे में शामिल हर एक बच्चे का जोश...

कराटे के प्रति महिलाएं सजग

अपने बच्चों को कराटे का गुर सिखा रही महिलाएं भी सुरक्षा को लेकर सजग हैं. अपने बच्चे को कराटे सीखता देख इन महिलाओं के आत्मविश्वास को भी बल मिल रहा है. और वे भी कराटा सीखने को इच्छुक हैं. पिछले कुछ दिनों से महिलाएं भी प्रशिक्षण लेने लगी है. साथ ही अपनी सुरक्षा और सजगता के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. एक समय था जब महिलाओं को अबला कहा जाता था. लेकिन बदलते परिवेश और समाज में बढ़ती हिंसा और अपराध को देखते हुए लोग अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाने के प्रयास कर रही हैं. इसका उदाहरण पेश कर रहा है सोतोकान कराटे में शामिल इन बच्चों का जोश और हौसला.

आज के माहौल में सेल्फ डिफेंड सीखना बहुत ही जरुरी है

काजल सिन्हा अपने बच्चे के साथ स्वयं भी कराटे सिखने डोरंडा कॉलेज के कैंपस में आती हैं. उनका कहना है कि आज के माहौल में सेल्फ डिफेंड सीखना बहुत ही जरुरी हो गया है. कराटे सीखने से बच्चे और खुद को मैं सुरक्षित रख सकूंगी. काजल ने बताया कि वो आठ-नौ महीने से कराटे सीख रही हैं और उनमें बहुत ही बदलाव आया है. उन्होंने बताया कि कराटे में उन्हें हर तरह की तकनीक सिखायी जाती है. साथ ही चोर, गुंडे, बदमाश से बचाने के गुड़ सिखाये जाते हैं. महिलाओं को अपने तत्काल बचाव के लिये कुछ सामग्री रखनी चाहिये. उन्हें अपने पर्स या बैग में सेफ्टी पिन, लाल मिर्च का पाउडर, मिर्च स्प्रे आदि रखना चाहिए.

बच्चों को भी लेनी चाहिए सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग

दस साल की इशिका मेहता एक साल से कराटे का प्रशिक्षण ले रही है. अपने कोच रंजीत मेहता से इनका कहना है कि बच्चे को सेल्फ डिफेंड की ट्रेनिंग लेनी चाहिये. इससे बहुत कुछ सीखने को मिलता है. कराटे में फिजिकली वार्मअप करवाया जाता है. इससे शरीर में चुस्ती और फुर्ती अधिक रहती है.

5 से 40 वर्ष के लोग ले रहे ट्रोनिंग

कोच रंजीत मेहता का कहना है कि शोतोकान कराटे के अंतर्गत हमने बच्चे, बड़े और महिलाओ को सेल्फ डिफेंड का ट्रेनिंग देते हैं. डोरंडा कॉलेज के कैंपस में पांच साल के बच्चे से लेकर 40 साल तक महिला सेल्फ डिफेंड की ट्रेनिंग ले रही है और इसका लाभ उठा रही है. इससे वो अपने और बच्चे का भी डिफेंड कर सकती है. यहां बहुत ही बारीकियों और आसानी तकनीक के माध्यम से ट्रेनिंग दी जाती है. जिससे बच्चे और महिलाओं आसानी से सीख कर इसका उपयोग अपने लाइफ में कर सकते हैं.

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