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कुछ राजनीतिक घराना परिवार नियोजन में संकोच महसूस करते हैं : उपराष्ट्रपति नायडू

News Wing

New Delhi, 14 November : उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज कहा कि कुछ राजनीतिक घराना परिवार नियोजन को प्रोत्साहित करने में संकोच महसूस करते हैं. उन्हें लगता है कि जनसंख्या नियंत्रण से उनका ‘‘वोट नियंत्रित’’ हो सकता है. भारत राज्य स्तरीय रोग का बोझ संबंधी रिपोर्ट और तकनीकी रिपोर्ट जारी करते हुए उपराष्ट्रपति ने जनसंख्या नियंत्रण पर एक व्यापक राजनीतिक आमसहमति बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि परिवान नियोजन पहल को प्रोत्साहित करने के लिये व्यापक चर्चा और राजनीतिक आम सहमति बनाने की जरूरत है.

जनसंख्या नियंत्रण से वोट भी नियंत्रण हो जायेगा...!!

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे राजनीतिक परिवार नियोजन को प्रोत्साहित करने में संकोच भी महसूस करते हैं. कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है कि जनसंख्या नियंत्रण हो जायेगा तब वोट भी नियंत्रण हो जायेगा. ’’ उपराष्ट्रपति ने जोर दिया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिये जीवन शैली में बदलाव करने की जरूरत है. लोगों को रोगों के उपचारात्मक कदमों के बारे में जागरूक बनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जीवन शैली ऐसी हो गई है कि बच्चे टेलीविजन, सिनेमा और सोशल मीडिया से चिपके रहते हैं.

अब भाजपा से उनका कोई लेना देना नहीं

वेंकैया ने कहा कि लोगों को परिवार नियोजन के फायदे के बारे में बताये जाने की जरूरत है. विकास के समान पायेदान पर खड़े कई देशों की तुलना में भारत में स्वास्थ्य सूचकांक की स्थिति खराब है. भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र में अच्छी प्रगति को देखते हुए भारत और बेहतर प्रदर्शन कर सकता है.

उन्होंने कहा कि डाक्टरों को मरीजों का उपचार करते हुए मानवता के आधार और राष्ट्र निर्माण की सोच के साथ कार्य करना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे अब राजनीति से सेवानिवृत हो गये हैं और भाजपा से उनका कोई लेना देना नहीं है. इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे पी नड्डा भी मौजूद थे.

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